बदायूं। गर्मी व लू लगे मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए एंबुलेंस में सरकार की ओर से आइसबैग, कोल्ड टॉवेल, रेक्टल थर्मामीटर सहित अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश गए हैं। शनिवार को पड़ताल में सामने आया कि किसी एंबुलेंस में आइसपैक (बर्फ जमा) और कोल्ड टॉवेल नहीं हैं। रेक्टल थर्मामीटर टूटा हुआ था। ऐसे में मरीजों की मदद कैसे हो पाएगी।
गर्मी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोग गश खाकर गिर जा रहे हैं। इसे लेकर सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि लू लगने पर मरीज को एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार दिया जाए, ताकि अस्पताल पहुंचने तक वह ठीक रहे। लेकिन एंबुलेंस में आईस बॉक्स, रेक्टल थर्मामीटर, जीवनरक्षक उपकरण, आईवी फ्लूड आदि की व्यवस्था नहीं है। शनिवार को जिला महिला अस्पताल और उझानी सीएचसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस की पड़ताल की तो मानक के अनुसार इंतजाम अधूरे मिले। ऐसे में बेहतर इलाज का दावा बेमानी साबित होगा।
केस एक
जिला महिला अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस यूपी 32 एफजी 1546 में बिना बर्फ जमा आइसबैग नहीं था। स्टॉफ ने बताया गया कि आइसबैग घर पर रखा है। एंबुलेंस में बैग को ठंड करने की व्यवस्था नहीं है।
केस दो
जिला महिला अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस यूपी 32 एफजी 2206 में रेक्टल थर्मामीटर तो रखा हुआ था, लेकिन वह गिरने से टूट चुका है। इसी तरह गर्म आइसबैग रखा था। कोल्ड टॉवेल भी नहीं है।
केस तीन
उझानी सीएचसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस यूपी 32 एफजी 2758 के अंदर ठीक तरह से एसी नहीं चल रहा है। आइसबैग को ठंडा रखने की व्यवस्था नहीं थी, तौलिया पैक रखा है। कोल्ड वाटर बैग भी नहीं था। स्टॉफ आईवी फ्लूड होने की बात तो कह रहे हैं लेकिन बोतल नहीं दिखा पाए।
हेड इंजरी में भी आइसबैग देता राहत
मरीज को अगर हेड इंजरी हुई है तो आइसबैग उसे राहत देने के लिए जरूरी होता है। एक डॉक्टर ने बताया कि सिर पर आइसबैग रखने से दर्द कम होता है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने के दौरान उसे कम दर्द होगा।
सभी एंबुलेंस में लू लगे मरीजों के लिए आइसबैग, कोल्ड टॉवेल सहित अन्य व्यवस्थाएं करनी हैं। जो भी कमियां हैं। उसके लिए एंबुलेंस के अधिकारियों से बात करके दूर करवाया जाएगा।
- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
उझानी सीएचसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस। संवाद