बदायूं। उघैती थानाक्षेत्र के गांव रघुनाथपुर पिपरी के एक ग्रामीण ने थाने के एक एसआई, चार सिपाही समेत छह लोगों के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाकर कोर्ट में वाद दायर किया है। आरोप है गांव के तीन लोगों ने उसके प्लॉट पर अवैध कब्जा कर लिया। एसएसपी से शिकायत करने पर एसआई व पुलिस कर्मियों ने बौखलाकर उसे थाने में बंद कर दिया। जबरन उससे फैसला लिखवा लिया।
गांव रघुनाथपुर पीपरी निवासी रामसेवक ने विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह जाति से धोबी है। गांव के ही तीन लोग उसे जाति को लेकर पड़ोस से भगाना चाहते हैं। 19 जून को आरोपियों ने उसके प्लॉट की नींव तोड़कर अपना कब्जा कर लिया। जब वह मौके पर पहुंचा तो उन लोगों से नींव हटाने को कहा। इससे बौखलाकर आरोपियों ने उसके साथ गाली गलौज की। जाति सूचक शब्द कहे। विरोध करने पर उसे पीटा। पुलिस से शिकायत करने पर उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसने एसएसपी से शिकायत की। उसके थाने के एसआई नाराज हो गए। आरोप है कि 25 जून की दोपहर एक बजे एसआई, चार सिपाहियों व तीनों आरोपियों को लेकर उसके घर में घुस आए। उसे जबरन खींचकर घर से बाहर ले आए और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे थाने लाकर बंद कर दिया। फैसले का दबाव बनाने लगे। मजबूरन उसे फैसला करना पड़ा। इसके बाद उसे थाने से छोड़ा गया। पुलिस की कार्यशैली से आहत होकर उसने कोर्ट की शरण ली है।