बदायूं। दुष्कर्म के आरोपी कादरचौक थाने के एसआई ने साक्ष्य को मिटाने की कोशिश की है। उसने मेडिकल परीक्षण से पहले पीड़िता को नहलवाया। बैरक में उसने दुष्कर्म किया था। वारदात के बाद उसने कुछ पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर बैरक में कूड़ा कचरा फैलाकर गंदा कर दिया। अधिकारियों की जांच में उसकी हकीकत सामने आ गई हैं। पीड़िता ने बरेली की एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा को दिए बयान में यह सब बताया।
बुधवार को एसपी अंशिका वर्मा ने जांच की थी। उन्होंने पीड़िता को बुलाकर क्राइमसीन की पड़ताल की थी। उन्होंने किशोरी से उस दिन हुई घटना को लेकर बारीकी से पूछा। किशोरी ने सभी सवालों के जवाब दिए। एसपी पीड़िता को लेकर बैरक गई। उस दौरान बैरक बंद थी। इस पर एसपी ने फिर से उससे बैरक के संबंध में सवाल दोहराया। जहां उसने कहा इसी बैरक में उसे एसआई ले गए थे। बैरक के बाहर काफी गंदगी थी।
एसपी ने पूछा बैरक में बेड था या चारपाई थी। पीड़िता ने बताया कि यहां पांच चारपाई पड़ी थी। बैरक खोलकर देखा गया तो उसके अंदर पांच ही चारपाई निकलीं। पीड़िता ने बताया कि उस दौरान बैरक साफ थी, लेकिन अब कू़ड़ा डाल दिया गया है। पीड़िता ने बताया कि मेडिकल परीक्षण से पहले उसे थाने के बाथरूम में नहलवाया गया। इससे एसआई की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे।
इधर, पुलिस ने दावा किया है कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पीड़िता महिला हेल्प पर ही बैठी रही थी, लेकिन एसपी ने जब सीसीटीवी कैमरे देखने की कोशिश की गई तो उसे ऑपरेट करने वाला पुलिस कर्मी मौजूद नहीं मिला। देर शाम पीड़िता की मां ने पुलिस अधिकारियों की उदासीनता के कारण मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। हालांकि अब तक इस मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं।
पूछताछ के बहाने ले गया था बैरक में
पीड़िता ने बताया वह तमिलनाडु से सुबह कादरचौक थाने पहुंची। उस दौरान उसे महिला कांस्टेबल के पास बैठाया गया था। इसी बीच एसआई ने कहा, कुछ पूछताछ करनी है। कमरे में चलो। इस पर एसआई उसे बैरक में ले गया। आरोप है यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने चीखने की कोशिश की तो मुंह दबा दिया। इसके बाद उसे जेल भेजने की धमकी देकर डरा दिया गया। इसके कुछ घंटे बाद ही उसकी बहन थाने पहुंची थी। जहां उसने एसआई ने किए कृत्य की जानकारी दे दी थी।
ममता ने दी थी बर्बाद करने की धमकी
अपह्रत किशोरी के साथ हुई दरिंदगी और अपहरण की मुख्य किरदार उसकी रिश्तेदार ममता है। ममता के खिलाफ परिजनों ने रिपोर्ट तो दर्ज करा ली है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। किशोरी के परिजनों ने बताया कि उसके पास करीब दो बीघा जमीन थी। उसका बंटवारा हो चुका है। इस दौरान उसके पिता को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला था। इससे ममता बौखला गई थी। उसने उसी समय कहा था कि वह किशोरी के परिवार को बर्बाद कर देगी। इसके अलावा ममता के दूसरे समुदाय के लोगों से संबंध थे। इस वजह से उन लोगों का ममता के घर आना जाना था।
तमिलनाडु में हो गई थी पीड़िता की शादी
ममता ने आरोपी पप्पू के जरिए मुज्जिकर के हाथों पीड़िता को ढाई लाख रुपये में बेच दिया था। मुज्जकिर जब उसे अगवा करके तमिलनाडु ले गया। वहां उससे निकाह कर लिया था। पुलिस को जब किशोरी मिली थी तो वह बिछिया पहने हुई थी। इससे आरोपियों उसके धर्मांतरण की साफ मंशा थी, लेकिन सामाजिक संगठनों के आक्रोश को देख पुलिस को आरोपी के पीछे लगना पड़ा।
25 को रवानगी, 27 को कोर्ट में था एसआई
एसआई का स्थानांतरण शाहजहांपुर जिले के लिए पहले ही हो चुका था। बाद में खुद को फंसता देखा 25 जून को ही थाने से अपनी रवानगी करा ली थी, लेकिन वह पीड़िता के इर्द-गिर्द की घूमता रहा। इससे वह मुंह न खोल सके। 27 जून को हुए कमलंबद बयान के दौरान भी एसआई कोर्ट में मौजूद था। इसके साथ दूसरा विवेचक भी मौजूद था।