वजीरगंज। जिस शैक्षिक संस्था को जमीन दान की गई। उस जमीन पर प्रबंधक ने फर्जी तौर पर दूसरी संस्था खड़ी कर ली। पूर्व संस्था के प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर, अंगूठा निशानी जहां जरूरत पड़ी वहां कर लिए। इस तरह बड़ा हेरफेर कर डाला भारी रकम का हेरफेर कर डाला। तहसीलदार ने भी इस संबंध में अपनी जांच आख्या में उसे हेरफेर करने का दोषी माना।
इसके बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सहायक रजिस्ट्रार से साठगांव कर दूसरी संस्था का रजिस्ट्रेशन करा लिया। यहीं नहीं दो बार विधायक निधि भी ले ली। पूर्व संस्था के प्रबंधक हामिद अली खां की याचिका पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
हामिद अली खां ने बताया कि उनके पिता परमूल खां ने 18 जुलाई 2009 को कादरी उलूम उर्दू इंग्लिस शिक्षा समिति वजीरगंज के प्रबंधक शमीम खान के नाम जमीन का एक हिस्सा बैनामा किया था। आरोप है कि जालसाजी करके उन्होंने इस संस्था का रजिस्ट्रेशन हाफिज शहजाद कादरी उलूम उर्दू इंग्लिस शिक्षा समिति कर लिया। आरोप यह भी है कि उन्होंने सब रजिस्ट्रार से साठगांठ कर संस्था का उसी जमीन पर पंजीकरण भी करा लिया। मोहम्मद बली खां व मो. यूनुस फर्जी नाम पते के दो सदस्य भी जोड़ लिए। अपनी पत्नी वख्तावर को उपाध्यक्ष बना लिया। इस तरह जमीन किसी नाम पर और रजिस्ट्रेशन किसी नाम से करा लिया गया।
दो बार विधायक निधि से रकम भी हासिल कर ली। जब जमीन दाता परिवार के हामिद अली खां ने विरोध किया तो उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की धमकी दी गई। एक शिकायत पर तहसीलदार ने भी इस संबंध में जांच करके 25 अगस्त 2025 में हेराफेरी का खुलासा किया था। फिर भी पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
एसएसपी को भी प्रार्थनापत्र दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कोर्ट ने आरोपी प्रबंधक और सह आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।