बदायूं। सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच आम लोगों की नजर जहां कीमती धातुओं पर टिकी रहती है। वहीं, कच्चा सोना और कच्ची चांदी कहे जाने वाले लोहा और तांबा चुपचाप महंगे हो गए हैं। बीते कुछ दिनों में लोहा और तांबे के दामों में छह से सात रुपये प्रति किलो तक की तेजी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर भवन निर्माण से लेकर बिजली के उपकरणों के निर्माण तक देखने को मिल रहा है।
जिले में कारोबारी के अनुसार निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले सरिया, एंगल, चैनल समेत लोहे से जुड़े अन्य उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। वहीं, तांबे की कीमतों में भी इजाफा होने से तार, केबल, मोटर और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण महंगे हो गए हैं। इससे रियल एस्टेट और बिजली से जुड़े उद्योगों की लागत बढ़ती जा रही है।
व्यापारी मुनेश गुप्ता का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। भवन निर्माण कराने वाले लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इधर, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। व्यापारी सुशील के अनुसार लोहे और तांबे के दाम बढ़ने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में तेजी, परिवहन लागत में वृद्धि और मांग बढ़ना प्रमुख कारण है।
इसके अलावा उद्योगों में उत्पादन लागत बढ़ने से भी कीमतों पर असर पड़ा है। कारोबारियों का मानना है कि अगर यहीं स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में लोहे और तांबे से जुड़े उत्पादों के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम उपभोक्ता के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी महंगाई का दबाव बढ़ने की संभावना है।
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-लोहे के रेट में पिछले छह माह में काफी परिवर्तन आया है। बीते एक माह में छह से सात रुपये लोहे के दाम बढ़े हैं। अभी भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
-पीयूष वार्ष्णेय, लोहा व्यापारी
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-तांबा के रेट होने की वजह से इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उत्पादों की कीमत पर सीधा असर देखने को मिलता है। इसका असर सीधा उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
प्रवीण सचदेवा, इलेक्ट्रिकल व्यापारी
पीयूष वार्ष्णेय, लोहा व्यापारी