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धीरे ही सही, कैशलेस हो रहा बदायूं

Sun, 26 Feb 2017 11:40 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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धीरे ही सही, कैशलेस हो रहा बदायूं - फोटो : अमर उजाला
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बाजार में मोटी रकम का 10 से 15 फीसदी लेनदेन हो रहा कैशलेेस 
नोटबंदी के बाद धीरे-धीरे ही सही अब बदायूं के लोग कैशलेस भुगतान की ओर बढ़ने लगे हैं। हालांकि कैशलेस व्यवस्था में लोग खुद को ढाल नहीं पा रहे हैं। इसकी वजह से कैशलेश व्यवस्था कैश भुगतान के मुकाबले अभी पीछे है।  पेट्रोलपंपों, होटल, मॉल, सराफा बाजार और कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कैशलेस भुगतान किया जा रहा है।
शहर में तमाम व्यापारियों और दुकानदारों ने स्वाइप मशीनें ने ले रखी हैं और तमाम भीम एप, पेटीएम और बैंकों के एप के जरिए भी भुगतान करने लगे हैं। मेडिकल, पेट्रोल पंप, मोबाइल ब्रिकी केंद्र, परचूनी दुकान समेत खुदरा बाजार में भी स्वाइप मशीनें के जरिए कैशलेस भुगतान नजर आ रहा है लेकिन अनुमान के मुताबिक यह 10 प्रतिशत तक ही सीमित है। चूंकि लोगों को कैश भुगतान करने में आसानी होती है और यह उनकी आदत में है  इसलिए भी कैशलेस की प्रक्रिया तेज नहीं हो पा रही है। दूसरा कारण यह है कि  कैशलेस प्रक्रिया को लेकर हर आदमी जागरूक भी नही है। वहीं, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अनुराग रमन ने बताया कि कैशलेस व्यवस्था के प्रोत्साहन के लिए बैंकों की ओर से भी व्यापक स्तर पर जागरूकता की जा रही है। पूरे जनपद में  सभी बैंकों की 188 ब्रांच हैं, जिनमें लगभग 50 लाख से ज्यादा खाते खुल चुके हैं। सभी खाता धारकों को आधार कार्ड से जोड़कर एटीएम जारी किए जा चुके हैं। इसके लिए मोबाइल एप से भी कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहित कर रहे  हैं। एसबीआई, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंकों की स्वाइप मशीने  मार्केट में जा रही हैं। रही बात गांव के लोगों को कैशलेस से जोड़ने की तो  उसके लिए भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और जल्द ही लेकर कई बैंक नई  तकनीक के एटीएम भी लगवाने जा रहे हैं, जो लोगों को सहजता से कैशलेस भुगतान की प्रक्रिया समझा सकेेंगे।
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कैशलेस में सराफा बाजार आगे
सराफा बाजार में अन्य बाजार की अपेक्षा कैशलेस व्यवस्था व्यवस्था का काफी असर देखने को मिला है। इसमें 20 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक कैशलेस भुगतान हो रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि सोने-चांदी के गहने खरीदने में बड़ी रकम अदा करनी होती है इसलिए लोग कैश से भुगतान करने के बजाय बैंकों में जमा रकम से कैशलेस भुगतान करने में सहूलियत महसूस कर रहे हैं। ज्यादा कैश हाथ में आने से फिर उसको बैंक में जमा करने के झंझट से बचने के लिए सराफा व्यापारी भी कैशलेस भुगतान को बेहतर मान रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस भुगतान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
 
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