बदायूं। रविवार शाम को टिड्डियों का दल जनपद में पहुंच गया और कुछ गांव में फसलों पर बैठ गया। इसकी सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें उड़ा दिया। ग्रामीणों के अनुसार टिड्डियों ने फसलों को कुछ नुकसान पहुंचाया है वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि टिड्डी खेतों में नहीं बैठ सकीं, जिससे फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। कृषि विभाग का कहना है कि टिड्डियों का दल अब कासगंज सीमा क्षेत्र की तरफ बढ़ गया है। ऐसे में अब जनपद में टिड्डी का कोई दल नहीं है। इससे किसानों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि काफी टिड्डियां इस दौरान मर गईं।
कोविड-19 जैसे वैश्विक महामारी से सभी लोग जूझ रहे हैं। ऐसे में टिड्डियों के दलों ने अधिकारियों से लेकर किसानों तक की नींद उड़ा दी है। यह टिड्डियों के दल जिस भी जनपद में रुकता है। तो वहां की सैकड़ों बीघा फसलों को यूं ही चंद मिनटों में चट कर जाता है। और देखते-देखते ही किसानों के फसल बर्बाद हो जाती है। ऐसे में टिड्डियों के दल कब किस जनपद की तरफ जा रहा है। इसको लेकर पूरी तरह से अलर्ट रहते हैं। साथ ही किसानों को जागरूक करते रहते हैं। ताकि वह जनपदों में पहुंचकर फसलों को कम से कम नुकसान पहुंचा सकें। रविवार शाम को जब जनपद में टिड्डियों के दल पहुंचा, तो कृषि विभाग के अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। वहीं किसानों को जब पता चला कि टिड्डियों के दल ने सहसवान इलाके में प्रवेश कर लिया है और फसलों पर हमला कर दिया है, तो आनन-फानन में किसानों ने खेतों की ओर रुख कर लिया। जैसे-तैसे किसानों ने खेतों से इन टिड्डियों के दल को उड़ा दिया। लेकिन इस बीच उन्होंने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद में एक टिड्डियों के दल कछला और कादरचौक क्षेत्र के गांव में की ओर दिखाई दिया। हालांकि कादरचौक के गांव रेवा में भी टिड्डियों के दल ने बैठने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बैठने नहीं दिया।
सहसवान तहसील क्षेत्र के गांव जरीफपुर गढ़िया, अमनपुर, भवानीपुर, धुबिया,भज्जी की मढ़ैया आदि गांव के खेतों में टिड्डियों के दल पहुंच गया। यह देखकर कर वहां पर काम करने वालों ने उन्हें भगाने का प्रयास किया। लेकिन संख्या अधिक होने की वजह से वह नहीं भागी। ऐसे में ग्रामीणों ने गांव से और लोगों बुला लिया। जिसके बाद में उन्हें भगा दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान उन्होंने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।
कादरचौक क्षेत्र में काफी समय में आसमान पर लाखों की संख्या में टिड्डियों के दल मंडराता रहा। जिससे किसानों की धड़कनें बढ़ी रही। इस दौरान लोग घरों से थाली, चम्मच, कटोरी जो मिला, वह उठा लाए और जोर जोर से बजाने लगे। जिसकी वजह से टिड्डियों के दल फसलों पर नहीं बैठ सका। रेवा गांव में बैठने का प्रयास किया। लेकिन वहां से उन्हें भगा दिया गया।
उझानी कछला क्षेत्र में शाम के समय टिड्डियों के दल खेतों के ऊपर मंडाराता हुआ दिखाई दिया। सूचना पर आसपास के गांव के लोग वहां पर पहुंच गए। और उन्होंने शोर-शराबा करना शुरू कर दिया। जिसका असर यह हुआ कि टिड्डियों के दल खेतों में खड़ी फसलों पर नहीं बैठ सकी। जिससे वहां पर नुकसान नहीं हुआ।
टिड्डियों का दल का जनपद में पहुंचा। सूचना पर सभी अधिकारी भी गांवों में पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों की सहायता से फसलों पर बैठने नहीं दिया।, जिससे जनपद में कोई नुकसान इनकी वजह से नहीं हुआ। अब यह बदायूं से भी चली गई है, काफी संख्या में टिड्डियां मर भी गईं।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी