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Budaun News: गोली मारने के बाद ग्रामीणों पर तान दिया था तमंचा

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कैलाश का फाइल फोटो।
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बदायूं। जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव बस्तोईया में संभल के युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने पिता की तहरीर पर गांव के सतीश समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। छानबीन में पता चला है कि गोली चलाने के बाद कुछ लोगों ने सतीश को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसने ग्रामीणों पर तमंचा तान दिया। इस कारण उसे कोई पकड़ नहीं सका।
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संभल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव गंगावास निवासी कैलाश यादव (26) पुत्र कोमिल चंड़ीगढ़ में रहकर ढाबा चलाता था। सोमवार को उसकी बहन मीरा का रिश्ता जरीफनगर के गांव बस्तोईया के रतनलाल के पोती से तय होना था। इस वजह से वह चंड़ीगढ़ से सुबह में ही घर लौटा था। बहन का रिश्ता तय करने के लिए कैलाश के साथ उसके परिवार के करीब 35 से 40 लोग आए थे।
रिश्ता तय होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए थे, जबकि गांव में सिर्फ कैलाश, उसका करियाबैन निवासी फुफेरा भाई पप्पू उर्फ झंडु और मानवीर रह गए थे। यह तीनों लोग बाइक से आए थे, लेकिन गांव से निकलते समय उन्होंने बाइक गांव के ही एक अन्य व्यक्ति को दे दी। वह बाइक लेकर गांव के बाहर आ रहा था, जबकि कैलाश, उसका फुफेरा भाई व मानवीर पैदल-पैदल बात करते हुए चल रहे थे।
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इसी दौरान बस्तोईया गांव का सतीश स्कूटी से पहुंचा। उसने अंटी से तमंचा निकाला और कैलाश के सीने से सटाकर फायर झोंक दिया। जब तक कैलाश का फुफेरा भाई कुछ समझ पता, तब तक कैलाश खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरा पड़ा था। सतीश के हाथ में तमंचा देख पप्पू भी उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
गोली की आवाज होने पर कुछ लोगों ने सतीश को दबोचने की कोशिश की, लेकिन वह उन लोगों पर तमंचा तानते हुए आसानी से गांव से बाहर निकल गया। ग्रामीणों ने पुलिस को हत्या की सूचना फौरन दे दी थी, लेकिन पुलिस की देरी से हत्यारोपी सतीश गांव से भाग गया। मंगलवार को पुलिस ने कैलाश के पिता कोमिल की तहरीर पर सतीश यादव पुत्र छोटे लाल यादव व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कैलाश के सीने में 315 बोर की एक गोली पार हुई है, जिससे उसकी मौत हुई है। कैलाश की मौत से पत्नी नीतू और मां पुष्पा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।


लड़की को बरामद कराने पर रंजिश मान रहा था सतीश
परिजनों ने बताया कि करीब छह माह पहले गाजियाबाद से एक लड़की लापता हुई थी। इसके चलते बाहर की पुलिस कैलाश को पकड़कर ले गई थी। तीन दिन तक कैलाश पुलिस की हिरासत में रहा था। किसी तरह कैलाश को पता लगा कि लड़की को सतीश अगवा कर लाया है तो उसने सतीश को पकड़वाकर लड़की की बरामदगी करा दी थी। तभी से सतीश रंजिश मान बैठा था।
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