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Budaun News: चार माह बाद आज जागेंगे श्रीहरि, बजेंगी शहनाइयां

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बदायूं। देवोत्थान एकादशी 12 नवंबर को है। इस दिन श्रीहरि चार महीने की योग निद्रा से जागेंगे। इस दिन तुलसी विवाह भी होगा। देवोत्थान एकादशी के बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इसी को लेकर सोमवार को बाजार में काफी रौनक देखने को मिली। दिनभर लोग बाजार में शादी की खरीदारी करते नजर आए। यहां बता दें कि देवोत्थान एकादशी पर जिले में 1235 शादियां होंगी।
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12 नवंबर मंगलवार को घरों से लेकर मंदिरों में भगवान विष्णु (श्रीहरि) शंख, डमरू, मृदंग, झाल और घंटी बजा कर योग निद्रा से जागृत किया जाएगा। इस दिन वैष्णव जन व साधु-संत एकादशी का व्रत करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत करने से घरों में भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का वास हाेने के साथ अकाल मृत्यु नहीं होती। एकादशी के दिन घरों से लेकर मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर श्रद्धालु परिवार की कुशलता के लिए प्रार्थना करेंगे।

20 से अधिक दुकानों पर सजाई जा रहीं 300 से अधिक गाड़ियां
जिले में देवोत्थान एकादशी पर 1235 शादियां होने का अनुमान लगाया है। इसके चलते कार डेकोरेशन की दुकानों में चांदी हो रही है। जिले में 20 से अधिक दुकानों पर 300 गाड़ियां सजाने की बुकिंग मिल चुकी है और एक दिन में बाजार में 25 लाख से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं, फूल विक्रेताओं का कहना है कि गाड़ियों के सजाने के अलावा वर-माला व फूलों की मांग भी बनी रहती है। शहर की वाटिकाओं और शादी समारोह के फूलों का अच्छा कारोबार होने की उम्मीद होती है। 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही वैवाहिक सीजन की शुरुआत हो रही है। पहले वैवाहिक मुहूर्त पर जिले भर में 12 सौ से अधिक शादियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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सबसे कम 50 हजार रुपये में बुक हुए शादी हॉल
साहलग के चलते शादी हॉल बुक हो चुके हैं। इसमें मैरिज लॉन की सबसे कम कीमत 50 हजार रुपये है। इसमें मैदान से लेकर, टेंट, स्टेज, सजावट, क्रॉकरी आदि शामिल रहेगी। वहीं ग्राहक को हलवाई का खर्च अलग से कराना होगा। लॉन मालिकों ने बताया कि नवंबर में लगभग सभी तारीखों पर प्री बुकिंग हो चुकी है। अभी तो जनवरी, फरवरी की बुकिंग चल रही है।



ब्यूटी पार्लर की प्रीबुकिंग
शादी का सीजन शुरू हो गया है। दो महीने पहले ही दुल्हनों के मेकअप के लिए पार्लर की प्रीबुकिंग कर ली गई थी। दुल्हनों को तैयार करने के लिए पार्लर संचालकों ने भी पूरी तैयारी कर ली है।

बाजार में खूब बिके सिंघाड़े और शकरकंदी
एकादशी को लेकर बाजार में जमकर सिंघाड़े की खरीदारी हुई, कुछ दिन पहले जो सिंघाड़े 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे, वह आज 30 से 35 रुपये प्रति किलो बिके। शकरकंदी की कीमत 30 से 35 रुपये प्रति किलो चल रही है।


यह हैं शुभ मुहूर्त, व्रत के नियम व लाभ



वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर की शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी। वही तिथि का समापन 12 नवंबर को शाम 4 बजकर 4 मिनट पर होगा। उदयव्यापनी एकादशी 12 नवंबर को होने से इसी दिन उपवास भी रखा जाएगा। यह तिथि विशेष रूप से भगवान विष्णु के जागरण का प्रतीक मानी जाती है, जो चार माह की योग निद्रा के बाद इस दिन जागते हैं। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।


तुलसी विवाह का आयोजन
देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी का विवाह संपन्न कराया जाता है। तुलसी विवाह से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। माना जाता है कि इस दिन तुलसी विवाह करने से पति-पत्नी के बीच के तनाव दूर होते हैं। आपसी प्रेम बढ़ता है और दांपत्य जीवन में सकारात्मकता आती है।


विष्णु पूजा और व्रत का पालन
देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सौहार्द बना रहता है। इस दिन व्रत रखने से और भगवान विष्णु के ''ओम नमो भगवते वासुदेवाय'' मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और पति-पत्नी के बीच का संचार और समझ बेहतर होती है। भगवान विष्णु को शंख, तुलसी के पत्ते और पीले फूल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन की समस्याओं में कमी आती है।
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