उसहैत। क्षेत्र में सांड़ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार अपराह्न करीब एक बजे ग्राम इटौवा थाना उसहैत निवासी सुनीता पत्नी रामनिवास (54 वर्ष) एवं मंचीता पत्नी ओमवीर ( 28 वर्ष) बाजार करने के लिए कटरा सआदतगंज आई थीं। इसी दौरान अचानक पीछे से आए एक सांड़ ने दोनों महिलाओं पर हमला कर दिया। इनमें सुनीता की अस्पताल में मौत हो गई।
अचानक हुए हमले से दोनों महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं। सांड़ ने उन्हें कई बार पटकने की कोशिश की। घटना होते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने लाठी-डंडों की मदद से किसी तरह सांड़ को भगाकर महिलाओं को उसके चंगुल से छुड़ाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया। वहीं मंचीता की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते 24 घंटों में सांड़ के हमले से मौत का यह दूसरा मामला है, जिससे नगर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से छुट्टा पशुओं को पकड़वाने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सांड़ के हमले में मासूम की मौत को
लेकर लोधी सेना ने सौंपा ज्ञापन
- मृतक के परिजनों को 20 लाख मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में छुट्टा पशुओं के बढ़ते आतंक और हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर लोधी सेना ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में थाना अलापुर क्षेत्र के ग्राम बमनी में 9 जनवरी को सांड़ के हमले में हुई किशोर की मौत को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम बमनी निवासी राजू पुत्र ओमपाल (16 वर्ष) खेत में गेहूं की रखवाली करने गया था, तभी एक साड़ ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर क दिया गया। वहां से अलीगढ़ रेफर किए जाने के बाद उपचार के दौरान राजू की मौत हो गई।
संगठन ने बताया कि राजू कक्षा 9 का छात्र था। परिवार उससे भविष्य की बड़ी उम्मीद लगाए हुए था। ज्ञापन में सवाल उठाया गया कि जब हर ग्राम पंचायत में गोशाला होने की बात कही जा रही है तो फिर छुट्टा पशुओं की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है। प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा।
लोधी सेना ने मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार को इस दुख की घड़ी में सहारा मिल सके। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी,जिला पदाधिकारी सहित समस्त जिला पदाधिकारी मौजूद रहे।