कादरचौक। ककोड़ा की तैयारी के लिए प्रशासन ने कादरचौक-गंजडुंवारा मार्ग से लेकर मेला क्षेत्र तक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में दो किलोमीटर लंबा फोरलेन कच्चा मार्ग तैयार किया गया है। यह मार्ग कादरचौक से मेला क्षेत्र तक जाएगा।
मेले में 1100 मीटर लंबी वीआईपी रोड बनाई जा रही है, जो कुर्मियान से होकर निकलेगी। कोतवाली से 200 मीटर पहले बरेली रोड तैयार किया जा रहा है, जो खैराती चौक होते हुए गंगा तट तक पहुंचेगा। गंगा किनारे 1200 मीटर लंबी सड़क माननीय कैंप से डीएम कैंप तक बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त मीना बाजार और हलवाई बाजार की सड़कों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा। जिला पंचायत कैंप के पीछे स्टेडियम निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, जबकि सांस्कृतिक पंडाल और प्रदर्शनी जिला पंचायत के सामने लगाई जाएगी।
कई काम अभी अधूरे
मेले की तैयारी के कई कार्य अभी अधूरे हैं। कासगंज से मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 500 मीटर लंबी और 9 मीटर चौड़ी सड़क अभी मुख्य पक्की सड़क से नहीं जुड़ पाई है। इसी तरह बरेली बाईपास और कादरवाड़ी आपातकालीन 9 मीटर चौड़ी सड़क का काम भी शुरू नहीं हो सका है। यह सभी सड़कें पहले छह मीटर की थीं, जिनकी चौड़ाई इस वर्ष बढ़ाई गई है।
किसानों की परेशानी, समय से पहले काटना पड़ा गन्ना
मेले में निर्माण कार्य के चलते किसानों को गन्ने की फसल समय से पहले काटनी पड़ रही है। किसान राजीव ने बताया कि कोल्हू अभी चालू नहीं हुए हैं, इसलिए व्यापारी गन्ना नहीं खरीद रहे। भदरौल क्षेत्र में एक कोल्हू वाला गन्ना स्टॉक कर रहा है और सस्ता खरीद रहा है।
मेले से ग्रामीणों को रोजगार
मेला क्षेत्र में सड़कों के निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। करीब 100 मजदूर कच्ची बनाने में लगे हैं। सड़क निर्माण में प्रयुक्त पतेल की आपूर्ति ग्रामीण कर रहे हैं। ट्रैक्टर या डनलप से पतेल लाकर ठेकेदारों को बेचा जा रहा है। एक डनलप पतेल 400 से 500 रुपये में बिकती है। कई लोग दिन भर में चार से पांच डनलप बेच रहे हैं।
ककोड़ा मेले में चल रहा सड़क बनाने का काम। संवाद
ककोड़ा मेले में चल रहा सड़क बनाने का काम। संवाद