उझानी में गड्ढे में ट्रॉली के पास पड़ी गेहूं की बोरियां। स्रोत: वीडियो वीडियो ग्रैब
उझानी। नाला चोक हो जाने के बाद बदायूं- दिल्ली हाईवे पर गांव कुड़ानरसिंहपुर के पास सड़क पर भरे पानी में गेहूं लदी ट्रॉली पलट गई। यह देख बोरियों के ऊपर बैठे दो युवक कूद पड़े। कूदने से उनकी जान बच गई। इसे लेकर हाईवे की एक लेन पर करीब दो घंटे तक वाहनों का आवागमन भी प्रभावित रहा।
हादसा बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे हाईवे स्थित गांव कुड़ानरसिंहपुर के पास हुआ। बिल्सी के गांव बीबीगंज निवासी सोहनलाल शर्मा के ट्रैक्टर- ट्रॉली में गेहूं लादकर उझानी मंडी को लाया जा रहा था। उसी दौरान पानी भरे गहरे गड्ढे में ट्रॉली का पहिया चला गया। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही ट्रॉली पलट गई। गेहूं की बोरियों के गिरने से पहले ही ट्रॉली सवार दो युवक ट्रॉली से कूद पड़े। चश्मदीद राधेश्याम ने बताया कि दोनों युवक ट्रॉली से नहीं कूदते तो बोरियों के नीचे दबने से उनकी जान चली जाती।
हाईवे पर भरे पानी में गेहूं की बोरियां भी भीग गईं। हादसे के बाद कुड़ानरसिंहपुर निवासी ग्रामीण भी दौड़कर मौके पर आ गए। उन्होंने गेहूं की बोरियों को भी हटवाने में सहयोग किया। राधेश्याम ने बताया कि ट्रॉली और गेहूं की बोरियां हाईवे से हटाने में लोगों को करीब दो घंटे लगे। इसके बाद ही हाईवे की प्रभावित एक लेन पर भारी वाहनों का आवागमन सुचारू हो पाया।
गुस्साए ग्रामीणों ने की जाम लगाने की कोशिश
हादसे के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों में कुछ लोगों ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर दी। आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी अफसरों ने क्षतिग्रस्त नाले को ठीक कराके जल निकासी की व्यवस्था सुचारू कराने की जरूरत महसूस नहीं की है। इसे लेकर चार- छह लोग सड़क पर आकर जाम लगाने की कोशिश करने लगे। बाद में उन्हें समझाकर हटा दिया गया।
आवागमन में सुधार के लिए भाकियू ने किया था धरना-प्रदर्शन
कुड़ानरसिंहपुर के पास हाईवे पर भरे नाले के पानी से आवागमन में दिक्कत बताते हुए भारतीय किसान यूनियन भानु के जिलाध्यक्ष अतुल तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर में प्रदर्शन किया था। अगले दिन बुधवार को यूनियन के नेताओं ने जिला मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अफसर मौके पर हालात देखने नहीं आए हैं।