बदायूं। बरेली बवाल के जिम्मेदार माने जा रहे आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर से रसूलपुर पुठी की साधन सहकारी समिति के बकाया 28,346 रुपये की वसूली की कार्यवाही तेज कर दी गई है। वसूली का अंतिम नोटिस बृहस्पतिवार को बरेली में उसके बिहारीपुर स्थित आवास पर चस्पा कर दिया गया। अब तक का ब्याज मिलाकर 40,555 रुपये जमा करना होंगे। नोटिस में कहा गया है कि 15 दिन में इसका जवाब न देने पर संपत्ति कुर्क की जा सकती है।
बिनावर क्षेत्र के गांव करतौैली के रहने वाले तौकीर ने 29 अक्तूबर 1990 को रसूलपुर पुठी की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) से 5,055.60 रुपये का फसली ऋण लेकर खाद और बीज खरीदे थे। समिति सचिव हृदेश कुमार ने बताया कि अब तक उसने ऋण की अदायगी नहीं की। इस कारण यह खाता एनपीए में परिवर्तित हो चुका है। उस पर मूल ऋण और ब्याज समेत कुल 28,346 रुपये की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी किया गया है। उसे 15 दिनों के भीतर संपूर्ण बकाया राशि ब्याज सहित जमा करना होगी। अन्यथा सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धाराओं के अंतर्गत उसके विरुद्ध राजस्व वसूली की कार्यवाही आरंभ की जाएगी। यह नोटिस समिति की तरफ से बीते एक अक्तूबर को जारी किया गया है। जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरिबाबू भारती ने बताया कि दो प्रतिशत ब्याज लगाने पर यह रकम 40,555 बनेगी। वसूली इतनी ही रकम की होगी।
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1997 में खुला मामला
रसूलपुर पुठी साधन सहकारी समिति से वर्ष 1990 में मौलाना तौकीर रजा ने कृषि कर्ज लिया था। बाद में वर्ष 1996 में राज्य सरकार ने किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की, लेकिन मौलाना के खाते में यह माफी लागू नहीं हुई। 1997 में बैंक जांच में खुलासा हुआ कि उसके नाम पर लिया गया कर्ज अब भी लंबित है। बैंक की ओर से कई बार वसूली नोटिस जारी किए गए, लेकिन मौलाना के प्रभाव और राजनीतिक रुतबे के कारण भुगतान नहीं किया गया।
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बरेली हिंसा प्रकरण के बाद फिर खुली पुरानी फाइलें
हाल में बरेली हिंसा प्रकरण में मौलाना तौकीर रजा का नाम उछलने के बाद जिला सहकारी बैंक ने पुरानी फाइलें खंगालनी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि मौलाना के ऊपर अब तक 21,940 रुपये ब्याज और 5,560 रुपये मूलधन मिलाकर कुल 28,346 रुपये का बकाया है।
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बेच चुका बदायूं की संपत्ति
जिला सहकारी बैंक बदायूं के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरिबाबू भारती ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि मौलाना तौकीर रजा ने बदायूं की अधिकांश संपत्तियां पहले ही बेच दी हैं। ऐसे में मौलाना की जहां भी संपत्ति मिलेंगी, उसकी कुर्की की जा सकती है। बैंक ने इसकी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेज दी है।
- मौलाना तौकीर रजा के प्रकरण में संबंधित बैंक के स्तर से कार्रवाई चल रही है। यदि जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई होगी। - अवनीश कुमार राय, जिलाधिकारी