बदायूं। संभावित लू-प्रकोप और सूखे की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी अवनीश राय ने सभी विभागों के अधिकारियों को सक्रिय होकर टीमवर्क के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजस्व गांव में एक-एक तालाब बनाया जाए। एक सप्ताह के भीतर विभागीय कार्य कराकर अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव कराने के निर्देश दिए। वहीं कृषि विभाग को विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित रहे क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर फसल बीमा कराने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों और ओआरएस घोल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलरों की जांच कर उन्हें चालू रखने को कहा। डीएम ने नलकूप विभाग को खराब नलकूपों को प्राथमिकता पर ठीक कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके पानी की गुणवत्ता की जांच कराने को भी कहा है।
विद्युत निगम को ट्रांसफॉर्मरों की जांच करने, विशेष रूप से ट्यूबवेल से जुड़े ट्रांसफॉर्मरों पर ध्यान देने और साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को गोशालाओं में चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष 32 हजार से अधिक किसानों का फसल बीमा कराया गया था, जिनमें प्रभावित क्षेत्रों के 2572 किसान शामिल थे। इनमें से 670 किसानों को छह लाख रुपये से अधिक की बीमा राशि का भुगतान किया गया। बैठक में अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड उमेश चंद्र, उप कृषि निदेशक मनोज कुमार, सहायक निदेशक सूचना आशुतोष चंदोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।