पिंडोल रामलीला का मेला अध्यक्ष पंडित सत्यप्रकाश शर्मा ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पिंडोल में शनिवार रात श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। मेला अध्यक्ष पंडित सत्यप्रकाश शर्मा ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और राम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामलीला सिर्फ मंचन नहीं, बल्कि धर्म, नीति और आदर्श जीवन का संदेश देने वाला प्रेरक मंच है।
उद्घाटन के बाद नारद मोह लीला का आकर्षक मंचन किया गया। इस लीला में दिखाया गया कि किस प्रकार नारद जी अपनी तपस्या और सिद्धियों पर गर्व करने लगते हैं। जब भगवान विष्णु यह देखते हैं कि नारद जी में अभिमान आ गया है। तो वे उनकी परीक्षा लेने के लिए माया नगरी श्रीनिधि नगर की रचना करते हैं। वहां के राजा शील निधि अपनी कन्या विश्व मोहिनी के स्वयंवर का आयोजन करते हैं। नारद जी कन्या को देखकर मोहित हो जाते हैं और भगवान विष्णु से हरि रूप मांग लेते हैं, लेकिन विष्णु उन्हें वानर रूप दे देते हैं। स्वयंवर में जब विश्व मोहिनी भगवान विष्णु को वरमाला पहनाती है, तो नारद जी को अपनी भूल का एहसास होता है और वे क्रोध में भगवान विष्णु को शृाप दे देते हैं कि वे भी अपनी पत्नी के वियोग में वन-वन भटकेंगे। इस अद्भुत दृश्य पर दर्शक भावविभोर हो उठे। मंचन के दौरान दर्शकों ने तालियों की गूंज और जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के संचालन में विनोद कुमार, दीपक शर्मा, अभिषेक अग्रवाल और रामकृष्ण मिश्रा का सहयोग रहा।