गांव जोरीनगला में गंगा में डूबे किसान की सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों की भीड़। संवाद
- फोटो : हरदोई रोड पर जाम से बचने के लिए एक्सप्रेसवे के पास रोके गए भारी वाहन।
कादरचौक। थानाक्षेत्र के गांव जोरीनगला में सोमवार सुबह एक किसान की भैंस गंगा में घुस गई। उसे निकालने के लिए किसान गंगा नदी में कूदा और फिर डूबने से उसकी मौत हो गई। स्थानीय गोताखोरों ने किसान का शव बाहर निकला। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
गांव जोरीनगला निवासी डालचंद्र (52) खेती करते थे। सोमवार सुबह किसान गंगा किनारे भैंस चराने गए थे। इसी बीच उनकी एक भैंस घास चरते हुए गंगा में घुस गई। उन्होंने भैंस को गंगा के अधिक अंदर जाते हुए देखा तो वह उसे निकालने के प्रयास में गंगा में घुस गए। उन्हें जलस्तर की गहराई का अंदाजा नहीं था। वह भैंस के पास पहुंचते ही गंगा में डूबने लगे। उस दौरान उनके भाई महावीर सिंह वहां मौजूद थे। उन्हें डालचंद्र को डूबता देख शोर मचाया। चीख पुकार सुन खेतों पर काम कर रहे ग्रामीण मौके पर आ गए। इसके बाद गांव से गोताखोर बुलाए गए, लेकिन तब तक किसान डूब चुके थे। गोताखोरों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद किसान के शव को गंगा से बाहर निकाला। इससे परिजनों में चीख पुकार मच गई। भैंस को बचाने गए किसान डूब गए। थोड़ी देर बाद तैरते हुए भैंस निकल आई। सूचना पर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाई। किसान की मौत से पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनकी एक बेटी अविवाहित है। कादरचौक इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि गंगा में डूबने से किसान की मौत हुई है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है।