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आखिर मिले तो मिले कैसे राशन
हजारों उपभोक्ताओं के नहीं बने राशनकार्ड पर किया जा रहा है राशन का उठान, प्रॉक्सी सिस्टम भी बना कोटेदारों के लिए फायदेमंद
हरीश कुमार
बदायूं। जिले के हजारों उपभोक्ता ऐेसे हैं जिनकाअब तक राशन कार्ड नहीं बना है, मगर हर महीने इनमें से कइयों के नाम से राशन का उठान हो रहा है। उधर, ये उपभोक्ता अपना राशन कार्ड पाने को इधर-उधर भटक रहे हैं। यही नहीं ऐसे लोग जिन्होंने राशनकार्ड के लिए आवेदन कर दिया है और उनका नाम प्रासिस में आ गया है उनके लिए भी ई-पॉस मशीन पर राशन देने की सुविधा है और प्रॉक्सी सिस्टम भी है पर अधिकतर मामलों में इसका भी दुरुपयोग हो रहा है।
जिले में सरकारी सस्ते गल्ले की कुल 203 राशन की दुकानें है। शहर की 201 दुकानों और ब्लॉक जगत और दातागंज की एक-एक दुकान पर मशीन से राशन बांटा जा रहा है। इन सभी दुकानों को मिलाकर करीब 80 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें करीब आठ हजार उपभोक्ताओं को राशन प्राक्सी सिस्टम से दिया जाता है। दरअसल प्राक्सी सिस्टम की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं है क्योंकि प्रॉक्सी सिस्टम के जरिए छले जाने वाले ज्यादातर उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने कामन सर्विस सेंटर या स्वयं के संसाधनों से राशन कार्ड के लिए आवेदन किया। इन लोगों ने आवेदन करने के बाद जनसुविधा केंद्र पर यह पता नहीं किया कि उनका राशन कार्ड बना है अथवा नहीं। इसके अलावा कुछ लोग दलालों के चक्कर में फंसकर रह गए।
यहां बता दें कि प्रॉक्सी सिस्टम वहां पर लागू होता है। जहां पर उपभोक्ताओं को ई-पास मशीन के माध्यम से अनाज का वितरण किया जाता है। इसमें मशीन की तकनीकी गड़बड़ी के चलते जिन लोगों को अनाज नहीं मिल पाता है उनको राशन वितरण के लिए हर महीने 25 से 30 के बीच कोई तारीख दी जाती है। मगर उपभोक्ताओं की नासमझी का फायदा उठाकर कोटेदार और अधिकारी अधिकतर मामलों में राशन हजम कर जाते हैं।
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यह है प्राक्सी सिस्टम
शासन ने राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीन लगाई हैं। किसी मशीन में खराबी आने या किसी टेक्निकल कमी के चलते कोई पात्र व्यक्ति राशन पाने से वंचित न रहे इसके लिए प्राक्सी सिस्टम लागू किया है। इसके तहत हर महीने 25 से 30 के बीच कोई भी तारीख तय करके बगैर मशीन के राशन वितरण किया जाता है, लेकिन अधिकतर मामलों में ऐसा होता नहीं और इसी राशन का गोलमाल कर लिया जाता है।
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क्या बोले उपभोक्ता
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कार्ड था पर नहीं दिया राशन
हमने राशन कार्ड बनवाया। राशन लेने गए। मशीन में नाम ही नहीं था। जबकि राशन कार्ड हमारे पास था। इस पर दुकानवाले ने राशन देने से मना कर दिया।
-मीनाक्षी शुक्ला
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अंगूठा नहीं कर रहा मैच
जब राशन लेने के लिए गए तो वहां पर मशीन में अंगूठा ही मैच नहीं कर रहा था। जिस वजह से राशन देने से मना कर दिया गया। उसके बाद हम राशन लेने ही नहीं गए।
-दीपा तोमर
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राशन कार्ड बना या नहीं ऑनलाइन देखें
जिन उपभोक्ताओं ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब तक उन्हें राशन कार्ड मिला नहीं है। ऐसे उपभोक्ता अपना राशन कार्ड एफसीएस डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर देख सकते हैं। इसके अलावा उपभोक्ता सप्लाई इंस्पेक्टर से जानकारी कर सकते हैं।
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वर्जन
जिले में 203 दुकानों पर मशीन के माध्यम से अनाज बांटा जा रहा है। मशीन में अंगूठा मैच नहीं होने समेत अन्य समस्याएं आ जाती हैं। जिस कारण पात्रों को अनाज नहीं मिल पाता। उन जगहों पर प्राक्सी सिस्टम लागू किया गया है। जिसके तहत ऐसे लोगों को अनाज दिया जाता है। इसकी चेकिंग भी कराई जाती है। अगर कहीं कोई शिकायत आ रही है तो जांच की जाएगी।
-रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी बदायूं