- साढे़ सात करोड़ और मिलें तो पूरा हो पाएगा निर्माण
लोहिया आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में 852 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए 23.43 लाख रुपये शासन से आना था, लेकिन दो किश्तों में लगभग 16 करोड़ रुपये ही शासन ने भेजे। नतीजतन, वित्तीय वर्ष बीतने जा रहा है और लोहिया आवास अधूरे रह गए। बजट के अभाव में इनका निर्माण चालू वित्तीय वर्ष में तो पूरा नहीं हो पाएगा, नए वित्तीय वर्ष में अब लगभग साढ़े सात करोड़ और मिलें, तभी अधूरे लोहिया आवास पूरी तरह से बन पाएंगे।
प्रत्येक लोहिया आवास का निर्माण 2.75 लाख रुपये की लागत से किया जाना था। इसके लिए जिले में मंजूर हुए 852 लोहिया आवास के लिए शासन को 23.43 करोड़ रुपये का बजट जारी करना था लेकिन पहली किश्त के तौर पर पिछले वर्ष अक्टूबर माह 11.70 लाख रुपये ही जारी किए गए। इससे लोहिया आवास का निर्माण शुरू करा दिया गया। दूसरी किश्त विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले आई, जिसमें जिले को सिर्फ पांच करोड़ रुपये की दिए गए। वित्तीय वर्ष समाप्ति होने जा रहा है, डीआरडीए पांच करोड़ रुपये में से ही निर्माणाधीन लोहिया आवास के लाभार्थियों को पैसा आवंटित करने में लगा है, लेकिन इतने पैसे से आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो सकेगा। जाहिर है कि लोहिया आवास अधूरे ही पड़े रहेंगे। सीडीओ अच्छेलाल यादव का कहना है कि वित्तीय वर्ष के बाद भी बजट आता है तो भी उसका उपयोग किया जा सकेगा।