अगले एक-दो दिन में गंगा में एक बार फिर से उफान देखने को मिलेगा। मंगलवार को गंगा में 80 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी पहुंचने की आशंका है। सोमवार को भी गंगा में नरौरा बैराज से 49209 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नरौरा से कछला तक पानी पहुंचने में करीब 12 घंटे का वक्त लगता है।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के चलते हरिद्वार और नरौरा डैम से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, पिछले दिनों के मुकाबले वाटर डिस्चार्ज कुछ कम हो रहा है। गंगा के जलस्तर में इजाफा होने से महाबा नदी में भी उफान देखने को मिल रहा है। हालांकि, दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। कछला में गंगा का मीटर गेज सोमवार को 162.35 रिकार्ड किया गया। हालांकि बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक गंगा और रामगंगा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इधर, नरौरा बैराज के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को गंगा में वाटर डिस्चार्ज में इजाफा हो सकता है। हरिद्वार से छोड़ा गया करीब एक लाख क्यूसेक पानी मंगलवार शाम तक नरौरा पहुंच जाएगा। इसके बाद नरौरा डैम से वाटर डिस्चार्ज में इजाफा होगा।
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फंसा बाढ़ खंड का 11.64 करोड़ का प्रस्ताव
बदायूं। बाढ़ से बचाव की व्यवस्थाओं के साथ बांधों की मरम्मत के लिए बाढ़ खंड की ओर से शासन को 11.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। बाढ़ खंड के पास जो रकम थी उसी से संवेदनशील बांधों की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। शासन स्तर से बजट भी तब जारी होता है, जब गंगा और रामगंगा उफान पर आ जाती हैं। ऐसे में इनके रुख पर काबू पाना तक मुश्किल हो जाया करता है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक बाढ़ खंड शासन स्तर के अधिकारियों के संपर्क में है। उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि, अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।