रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद
बदायूं। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जिले से करीब 55 बसें भेजी गईं हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की सेवाओं पर पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी दिल्ली, लखनऊ के लिए बसें नहीं मिल पा रहीं। वहीं स्थानीय मार्गों पर जाने के लिए भी यात्री बस अड्डे पर घंटों इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों ने पांच मार्च के बाद व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जताई है।
महाकुंभ के लिए डिपो से 55 बसें भेजी गईं हैं। इन बसों के महाकुंभ में जाने से जिले में सभी रूटों पर जाने वाली बसें कम हो गईं हैं। सबसे अधिक दिक्कत दिल्ली, लखनऊ व लोकल रूट पर है। लोकल रूट पर बसें अधिक चक्कर लगा रहीं हैं, बावजूद इसके यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही।
बसों के इंतजार में घंटों बैठने के बाद यात्री अन्य विकल्पों से सफर पूरा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वहीं, अब महाशिवरात्रि को लेकर ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में यात्रियों के सामने सफर पूरा करने का संकट आ गया है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि महाकुंभ समाप्त होते ही बसें आ जाएंगी। इसके बाद यात्रियों को बसों के इंतजार में भटकना नहीं पड़ेगा।
अब हर रोज पांच बसों का संचालन महाकुंभ के लिए किया जा रहा है। 28 फरवरी तक लगातार पांच बसें बदायूं डिपो से महाकुंभ में भेजी जाएंगी। लगातार बसों की कमी होती जा रही है। पांच मार्च के बाद ही परिवहन व्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद अधिकारी जता रहे हैं।
55 बसें महाकुंभ में भेजी जा चुकीं हैंं। लगातार पांच बसें हर दिन यात्रियों को लेकर आ-जा रहीं हैं। ऐसे में कुछ समय अंतराल पर दिल्ली, लखनऊ के लिए बसों की कमी पड़ रही है। महाकुंभ से बसें लौटने पर ही व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी। डिपो की सभी बसों के 5 मार्च तक लौट आने की उम्मीद है। - अजय कुमार, एआरएम