बदायूं। भविष्य में किसी लाभ की चाहत में बाईपास के किनारे पर जमीन या प्लॉट खरीदने वालों की इच्छा रखने वालों के लिए यह खबर अच्छी नहीं है क्योंकि बाईपास के दोनों साइड पर 110-110 गज के दायरे में प्लॉट या जमीन पर किया गया अन्य निर्माण वैध नहीं होगा। अगर किसी ने वहां पर निर्माण किया, तो उस पर प्रशासन का बुलडोजर भी चल सकता है। प्रशासन द्वारा इसको लेकर आदेश जारी किया जा चुका है कि कोई भी व्यक्ति इस परिधि में जमीन या प्लॉट खरीदता है तो उसका नक्शा पास नहीं होगा, साथ ही उसे अवैध मान लिया जाएगा।
बरेली-मथुरा हाईवे पर नौशेरा के पास से बाईपास बन रहा है, जो वहां से बरेली रोड को जोड़ेगा। इस पर इन दिनों निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बाईपास के उझानी-बरेली रोड से जुड़ने की वजह से सवा आठ किलोमीटर के दायरे में आने वाले भूमि मालिक तो इसके मानो लॉटरी ही मानकर चल रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने खेतों को आवासीय प्लॉट और उनके आगे दुकानों की जमीन बेचने का बोर्ड भी लगा रखा है। वे इस बात को भी प्रचारित कर रहे हैं, कि इस रोड के किनारे भूमि की कीमत जल्द ही दोगुनी से चौगुनी हो जाएगी। इनका लाभ वहां पर अपनी दुकान या मकान बनाने वालों को मिलेगा। कुछ लोगों ने वहां पर निर्माण शुरू कर भी दिया है। जब प्रशासन को बाईपास पर निर्माण की सूचना मिली तो डीएम दिनेश कुमार सिंह की ओर से एक आदेश जारी किया गया। इसमें इस बात पर खासा फोकस रखा गया है कि बाईपास पर दोनों ओर सड़क के बीच में से 110-110 गज के अंदर भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण न हो। अगर किसी ने ऐसा किया तो उसे अवैध माना जाएगा और उस पर कभी भी प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। ऐसी किसी भी दिक्कत से बचने के लिए लोग दोनों ही साइड पर 110 गज के अंदर भूमि न खरीदें।
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सस्ती के लालच में कुछ लोगों ने खरीदी जमीन
सूत्रों की मानें तो लोगों ने सस्ती जमीन के चक्कर में दलालों के माध्यम से हाईवे किनारे जमीन खरीदनी शुरू कर दी है तो कुछ लोगों ने हाईवे किनारे प्लॉटिंग कर दी है। कुछ लोगों ने नींव भरवाकर छोटी छोटी दीवार भी बना ली हैं। अगर ये लोग प्रशासन द्वारा तय की गई जमीन के हद में आए तो उनकी दिक्कतें भविष्य में बढ़ सकी है।
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बाईपास की जमीन पर अगर किसी ने कब्जा करने की कोशिश की, तो उसके निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। रोड के बीच से दोनों ओर 110-110 गज पर कोई भी निर्माण अवैध होगा।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम