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गन्ना किसानों का गुस्सा फूटा, कचहरी तिराहे पर सवा घंटे लगाया जाम, नारेबाजी

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गन्ना किसानों का गुस्सा फूटा, कचहरी तिराहे पर सवा घंटे लगाया जाम, नारेबाजी
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बदायूं। चीनी मिलों द्वारा गन्ने का बकाया भुगतान न करने और क्रय केंद्रों पर तौल नहीं होने को लेकर शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भाकियू नेताओं की अगुवाई में किसानों ने कचहरी तिराहा पर करीब एक घंटे जाम लगाया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जाम के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। अफसरों के समझाने के बावजूद शुरू में किसानों का गुस्सा ठंडा नहीं पड़ा, बल्कि शासन और प्रशासन पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते रहे। बाद में अफसरों के मांगें जल्द पूरी कराने के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोला। जाम खोलने के समय चेतावनी दी कि अफसरों ने अपना वायदा पूरा नहीं कराया तो जिलेभर के गन्ना किसान सड़क पर उतर आएंगे।
पंद्रह दिन पहले इन गन्ना किसानों ने दातागंज तिराहे के पास प्रदर्शन किया था। इसमें सरकार से गन्ने के बकाया भुगतान, क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल और चीनी मिलों द्वारा गन्ने की सभी प्रजातियों को खरीदे जाने की मांग की गई थी। इसके लिए किसानों की ओर से शासन-प्रशासन को 15 दिन की मोहलत दी गई थी। मगर 15 दिन बीत जाने के बावजूद किसानों को कोई राहत नहीं मिली।
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रविवार को तहसील सदर क्षेत्र से जुड़े दर्जनों गांवों के गन्ना किसानों ने पहले दातागंज तिराहे के पास इकट्ठे होकर सभा की। इसमें भाकियू नेताओं ने प्रदेश सरकार को किसान विरोध बताया। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हमदर्द होने का झूठा ढिंढोरा पीट रही है। अन्नदाता को उसकी उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। सभा के बाद अपराह्न 2.50 बजे किसान कचहरी के सामने जाकर तिराहे पर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गईं। जाम की सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर और जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने कचहरी तिराहा जाकर किसानों को समझाने की कोशिश की। इन अफसरों के समझाने पर शांत होने के बजाय किसानों का गुस्सा बढ़ता गया। वह चीनी मिलों पर गन्ने का बकाया भुगतान और क्रय केंद्र चालू कराने की मांग पर अड़े थे। आखिर में अफसरों और किसानों के बीच 15 जनवरी तक मांगें पूरी होने की बात तय हुई। तब कहीं एक घंटे बाद जाम खुल सका।
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किसानों का गुस्सा देख पुलिस के हाथ-पैर फूले
कचहरी तिराहे पर जाम लगने से बरेली-मथुरा, बदायूं-मेरठ और बदायूं-बिजनौर तीनों हाईवे जाम हो गए। तीनों हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गईं। उधर, अफसरों के समझाने पर किसान मानने को तैयार नहीं थे, जिससे भीड़ बढ़ती जा रही थी। एक बार ऐसा लगा कि किसानों को हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ सकता है, जिससे पुलिस वाले टेंशन में आ गए। आखिर में एडीएम प्रशासन के मनाने पर किसान मान गए, जिससे पुलिस वालों ने राहत की सांस ली।
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बकाया भुगतान को 15 जनवरी तक की मोहलत
आंदोलनकारी किसानों ने गन्ने का बकाया भुगतान कराने के लिए प्रशासन को 15 जनवरी तक की मोहलत दी है। इस बीच सभी गन्ना क्रय केंद्र चालू कराए जाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसान आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
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अधिकारियों और किसानों बीच हुई नोकझोंक
कचहरी तिराहे पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की गन्ना अधिकारी से झड़प हो गई। काफी समझाने के बावजूद किसान अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं थे। इस पर अफसरों ने सख्ती दिखाना चाही। मगर किसान शांत होने के बजाय भड़क गए, जिससे काफी देर तक नोकझोंक होती रही।
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वर्जन--      
किसानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। किसानों का गन्ना लिए बिना किसी भी हालत में चीनी मिल  बंद नहीं होगी।
 -रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
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