गंगा काकटान तेज, चार घर समाए गंगा में
ग्रामीण जागकर रात काट रहे
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उसहैत। नरौरा बैराज, बिजनौर, हरिद्घार से पानी कम छोड़ जाने से गंगा का जलस्तर घटने लगा है। इससे प्रशासन ने जहां राहत की सांस ली है। वहीं ग्रामीणों के सामने मुसीबत अभी भी खड़ी है। गंगा के जलस्तर कम होने से कटान होना शुरू हो गया। गुरुवार को चार घर गंगा में समा गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का बनी हुई है।
तीन दिनों से लगातार गंगा के जलस्तर में कमी आ रही। बुधवार की अपेक्षा कालागढ़ (बिजनौर) से 41 हजार क्यूसेक, नरौरा बैराज से चार हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा गया है। इस वजह से बुधवार को गंगा का जलस्तर 163.55 था। गुरुवार को घटकर 10 सेंटीमीटर कम हो गया। इस वजह से जिन इलाकों में बाढ़ का पानी भरा हुआ था। वहां पर भी जलस्तर कम होने लगा वहां पर कटान शुरू हो गया। बुधवार को उसहैत क्षेत्र के गांव बछौरा में एक मकान गंगा की भेंट चढ़ गया था। वहीं गुुरुवार को मुसीर अहमद, इसरार अहमद, मकसूद और नन्हें का घर भी गंगा में समा गया है। इस हिसाब से गंगा कटान कर रही है। उस तरह से चार-पांच घर भी गंगा में समा सकते हैं। हालांकि पानी का पानी बढ़ता देख ग्रामीणों ने पहले से मकान से सारा सामान निकल लिया था।