माननीय हों या जिम्मेदार अफसर। शहर को सुंदर बनाने के हवाई दावे किए जा रहे हैं। अतिक्रमण और जाम से आम आदमी परेशान है। शहर के कई स्थानों पर निजी वाहन चालकों ने सड़क पर स्टैंड बना लिए हैं। इनकी वजह से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। पुलिस का कहना है कि वाहनों को हटवाओ तो माननीय के फोन आ जाते हैं। छोड़ने पर वाहन वालों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं।
सीन एक
स्थान: गांधी ग्राउंड रोड
शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका गांधी ग्राउंड पश्चिमी रोड है। इस मार्ग की हालत सबसे बदतर हैं। इस मार्ग की पहली समस्या बरसात के दिनों में जलभराव है। हल्की बारिश होने पर सड़क पर जलभराव हो जाता है। यहां रोड किनारे अस्थायी स्टैंड बना है। यहां सुबह से लेकर शाम तक पिकअप, मैजिक खड़े रहते हैं। चालकों की मनमानी ऐसी कि जहां चाहते हैं वाहन खड़ा कर देते हैं। यहां वाहनों को लगाने और हटाने के दौरान भी जाम लग जाता है।
सीन दो
स्थान: वाटर वर्क्स रोड
रोडवेज से सटा हुआ वॉटर वर्क्स रोड है। यहां ठीक चौराहा किनारे दातागंज को जानेके लिए गाड़ियां खड़ी होती है। चौराहे पर रोडवेज बसें खड़ी रहती हैं। वाटर वर्क्स रोड पर कार-वैन स्टैंड है। हालात यह हैं कि रोड पर एक तरफ गाड़ियों का जमावड़ा रहता है, और दूसरी तरफ मैकेनिकों की दुकानों के आगे सामान फैला रहता है। हालात यह हैं कि यहां से अक्सर पैदल निकलना मुश्किल होता है।
सीन तीन
स्थान: वन विभाग रोड
बदायूं। पुलिस ने रोड पर इधर-उधर खड़ी बसों को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग रोड पर आंबेडकर पार्क के पास अस्थायी स्टैंड बना दिया था। यहां उझानी, बिल्सी, कादरचौक, अलापुर और उसावां की ओर जाने टेंपो, पिकअप आदि गाड़ियां खड़ी होती हैं। इन गाड़ियों की आड़ में बड़े वाहन (ट्रक) खड़े कर दिए जाते हैं। आंबेडकर पार्क किनारे वन विभाग दफ्तर की ओर लावारिस ट्रक खड़े रहते हैं। सड़क पर ही वाहनों की रिपेयरिंग शुरू हो जाती है। इससे अक्सर जाम लग जाता है।
सीन 4
स्थान: पुलिस लाइन चौराहा
शहर के पुलिस लाइन चौराहे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। स्टैंड के लिए रोडवेज बसें भी यहां से गुजरती हैं। चौराहे पर जाम नहीं लगे, इसके लिए पुलिस विभाग ने चौराहे की चारों ओर लाल निशान लगाएं हैं। जिससे वाहन लाल निशान के अंदर खड़े नहीं हों, लेकिन वाहन चालकों ने पुलिस के ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख दिया है। ओवरब्रिज से पहले सड़क किनारे कई टेंपो, पिकअप, मैजिक खड़े रहते हैं। अलापुर, उसावां जाने वाले वाहन यहीं आकर फंस जाते हैं। जबकि यहां दो ट्रैफिक पुलिस कर्मी और दो होमगार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद इन वाहनों को अनदेखा कर दिया जाता है।
अभियान चलते ही घनघनाने लगते हैं माननीय के फोन
बदायूं। पुलिस विभाग यहीं आकर मजबूर हो जाता है। कोई अभियान शुरू होने से पहले माननीय के फोन आने शुरू हो जाते हैं। पिछले दिन रोडवेज बस स्टैंड पर पुलिस ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। उसी समय एक माननीय ने पुलिस को फोन कर रोडवेज चौकी के सामने दो दुकानों का अतिक्रमण हटाने से मना कर दिया था। उसके बाद पुलिस ने दोनों दुकानें जैसी की तैसी छोड़ दीं।
अभी-अभी मुझे ट्रैफिक व्यवस्था संभालने का चार्ज मिला है। शहर की प्रत्येक सड़क से अभी वाफिक भी नहीं हूं। इन मार्गों के हालात पता करता हूं। फिर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
-इरफान नासिर खान, सीओ ट्रैफिक
हर नियम का पालन हो, जो पब्लिक हित में हो पुलिस वही कार्य करे। इसमें किसी का पक्षपात नहीं होना चाहिए। पुलिस अपना कार्य निष्पक्ष तरीके से कार्य करे।
-महेश चंद्र गुप्ता, सदर विधायक
शहर में अतिक्रमण होना गलत है। जनता को अपनी सहभागिता निभाते हुए स्वयं ही अतिक्रमण हटा लेना चाहिए। इससे लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा।
-हरीश शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष
शहर की सड़कों पर लगा अतिक्रमण हटना जरूरी है। इससे आम लोगों को काफी परेशानी होती है। पुलिस अपना कार्य निष्पक्षता से करे। सहयोग के लिए नगर पालिका परिषद पुलिस के साथ है।
-दीपमाला गोयल, नगर पालिका चेयरमैन