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कछला गंगाघाट पर बरेली से आए कांवड़िया की गंगा में डूबकर मौत

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कछला गंगाघाट पर बरेली से आए कांवड़िए की गंगा में डूबकर मौत
माता-पिता का इकलौता बेटा था अजय, मामा के साथ कांवड़ लेकर आया था
गुस्साए कांवड़ियों ने किया जमकर हंगामा, गोताखोरों पर देरी से पहुंचने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर जल भरने बरेली से आया एक किशोर गंगा में नहाते समय डूब गया। गोताखोर करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद किशोर को तलाशने के बाद बाहर निकाल सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर गुस्साए कांवड़ियों ने कछला गंगाघाट पर जमकर हंगामा किया। हंगामा करने वाले गोताखोरों पर देर से पहुंचने का आरोप लगा रहे थे। हादसे का शिकार हुआ कांवड़िया बरेली में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव जन्नत जहांगीर निवासी लालसिंह का इकलौता बेटा था।
यह हादसा शुक्रवार तड़के करीब 5:30 बजे हुआ। मुख्य घाट पर पहुंची बरेली के कांवड़ियों की टोली में शामिल शिवभक्त युवक नहाने के लिए गंगा में पहुंचे, उसी दौरान भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव जन्नत जहांगीर निवासी लाल सिंह का 16 वर्षीय बेटा अजय अपने साथियों समेत मामा बरेली में भमोरा क्षेत्र के गांव खेड़ा निवासी जयराम को नजर नहीं आया तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। कांवड़िया खुद ही खोजबीन में जुट गए। उसी समय एक कांवड़िए का पैर अजय की पीठ से लग गया। तब तक गोताखोर भी पहुंच गए। गोताखोरों की मदद से कांवड़ियों ने अजय को बाहर निकाल लिया लेकिन वह बेहोशी की हालत में था।
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मदद में देरी का आरोप लगाते हुए कांवड़ियों ने गुस्से का इजहार करते हुए हंगामा भी किया। चूंकि अजय की हालत नाजुक थी, सो कांवड़िए उसे एंबुलेंस से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह ने उसकी हालत नाजुक बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही अजय की मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद भोजीपुरा से परिवार के लोग रोते-बिलखते आ गए। कांवड़ियों ने बताया कि अजय अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह कांवड़ भरने के लिए मामा जयराम के साथ आया था। इधर, कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि अजय के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। बाद में शव उसके घरवालों के हवाले कर दिया गया।
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कांवडियों ने कार चालक से की हाथापाई
उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर गांव हरहरपुर के पास कांवड़ यात्रा के दौरान कासगंज की ओर जा रही कार को कांवड़ियों ने रोकने की कोशिश की। कासगंज में सोरों निवासी नितिन ने कार नहीं रोकी तो कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। कांवड़ियों ने चालक को बाहर खींच लिया। उसके साथ हाथापाई भी की गई। आरोप है कि कार की रफ्तार अधिक थी। बाद में कांवड़ियों में से दो लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत किया। ब्यूरो
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फोटो- 10 बीडीएनयूजेएचपीएच-01


प्रशासन के कछला गंगाघाट पर सुरक्षा के दावे निकले हवाई
अव्यवस्थाएं ही अव्यवस्थाएं, रात में नहीं दिखाई देते गोताखोर
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। कछला गंगाघाट पर अव्यवस्थाओं को लेकर पहले ही आगाह कर दिया गया था। अब वह सामने आने लगी हैं, इसका नतीजा शुक्रवार को अजय की मौत के रूप में सामने आया।
सावन में कछला गंगाघाट पर हजारों की संख्या में कांवड़िया जल भरने पहुंचते हैं। दिन में कुछ नाव और गोताखोर खिलाई देते हैं, लेकिन रात में नजर नहीं आते। वॉच टॉवर शो-पीस हैं तो घाट पर नौ जेनरेटर लगे होने के बाद भी प्रकाश व्यवस्था दुरस्त नहीं हो पाती। यह बात कांवड़िया भी उठा चुके हैं। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले अमर उजाला ने स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की मौत का मामला उठाया था। जो शुक्रवार को सामने आ गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा में नहाते समय कांवड़िया अजय की मौत कोई पहला हादसा नहीं है। पिछले पांच-छह महीनों में स्नान पर्वों पर नौ से अधिक श्रद्धालु जीवनदायिनी में मौत का शिकार बन चुके हैं। चारों प्रमुख घाटों पर गहराई अधिक होने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उसका आकलन नहीं हो पाना, हादसों की वजह बन जाता है। अफसरों ने व्यवस्थाओं के लिए कवायद शुरू की, उसी समय अमर उजाला ने गहराई वाले प्रमुख प्वाइंटों को उजागर कर कांवड़ियों को भी सजग रहकर डुबकी लगाने की सलाह दी।
प्रशासनिक दावों के विपरीत हकीकत पर गौर करें तो पीएसी की मोटर बोट और गोताखोर तो आधी से ज्यादा कांवड़ यात्रा पूरी हो जाने के बाद भी नहीं पहुंचे हैं। गंगा किनारे दोनों छोर पर 12-12 प्राइवेट नावें, प्रत्येक नाव पर नाविक के अलावा दो-दो गोताखोर लगाए गए हैं। रात में नावों की संख्या घटकर तीन चार तो गोताखोर पांच-छह ही नजर आते हैं। प्रकाश व्यवस्था के लिए नौ जेनरेटर हैं लेकिन चारों घाट ही भी रोशनी से जगमग नहीं रह पाते। कोई न कोई जेनरेटर दगा दे ही जाता है। मजेदार बात तो यह है कि काफी मशक्कत के बाद भी बिजली विभाग के इंजीनियर पुल की लाइटों को सुचारू कराने में नाकाम रहे। इसके चलते नगर पंचायत प्रशासन को अलग से लाइट लगवानी पड़ गई। पुल पर करीब डेढ़ सौ पोल पर लाइटें लगी हैं, वही अगर जगमग हो जाएं तो पूरा घाट रोशन हो उठेगा।
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दो दिन पहले उजागर हो चुकी है पुलिस की ढिलाई
उझानी। दो दिन पहले कांवड़ियों की टोली में शामिल शिवभक्त को राहगीर किशोर की बाइक से चोट लगना भले ही हादसा था लेकिन उसके बाद जो कुछ हुआ, वह वाकई पुलिस की ढिलाई को उजागर करता है। वह तो गनीमत रही जो गुस्साए कांवड़ियों ने कछला निवासी किशोर रवेंद्र को बाइक समेत अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली में डालने के बाद उसे बरेली में सिरौली पुलिस के हवाले कर दिया। गुस्से कांवड़िया कुछ भी कर सकते थे।
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