बदायूं। गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य जब कलक्ट्रेट स्थल पर दोबारा पहुंची तो चर्चा फैल गई कि हलफनामे में शादी की बात छिपाने का मामला सामने आने पर वह दोबारा नामांकन कराने पहुंची हैं। हालांकि देर शाम उन्होंने बताया कि वह नामांकन का चौथा सेट दाखिल करने गईं थी। शादी की बात हलफनामे में छिपाने की बात पर उन्होंने बस इतना ही कहा कि उनकी पहचान जिससे है, उन्होंने उसे ही नामांकन पत्र में दिखाया है।
लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर संघमित्रा मौर्य ने दो अप्रैल को पर्चा भरा था। इस दौरान उन्होंने दिए गए हलफनामे में अपने विवाहित होने की बात को छिपाया, जबकि उनकी शादी हो चुकी है। गुरुवार को वह दोबारा नामांकन स्थल पर पहुंचीं, जिस पर थोड़ी ही देर में अफवाह फैल गई कि हलफनामे में छिपाई गई बात को ठीक करने के लिए वह दोबारा नामांकन कराने पहुंची हैं। इस संबंध में देर शाम उन्होंने बताया कि जिस दिन उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया था, उस दिन रोड शो भी था। इस वजह से वह नामांकन पत्र के तीन सेट दाखिल कर पाईं थीं। गुरुवार को उन्होंने चौथा सेट भी दाखिल किया, जिसकी वजह से ही वह नामांकन स्थल पहुंचीं थीं। शादी की बात पर बस इतना ही कहा कि जिससे उनकी पहचान है, उन्होंने नामांकन पत्र में बस उसका ही जिक्र किया है। बाकी सारी बातें खत्म हैं। इधर सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने बताया कि कोई भी प्रत्याशी चार पर्चे दाखिल कर सकता है। भाजपा प्रत्याशी ने तीन पर्चे दाखिल किए थे। ऐसे में एक पर्चा गुरुवार को दाखिल किया है।
इस साल की रिपोर्ट को कर दिया पिछले साल का
भाजपा प्रत्याशी पर विगत 27 मार्च को संभल के गुन्नौर थाने में आचार संहिता के उल्लंघन का एक मामला दर्ज हुआ था, लेकिन शपथ पत्र में इसकी तारीख 27 मार्च 2018 दिखाई गई है। अब यह गलती किस स्तर से हुई और किसी की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी, यह कहना मुश्किल है।
जिससे मेरी पहचान है, मैने उसका ही नामांकन पत्र में जिक्र किया है। बाकी सारी बातें खत्म हैं।
-संघमित्रा मौर्य, भाजपा प्रत्याशी