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Budaun News: 20 सड़कें जांच के घेरे में आईं, अभियंताओं पर गिरेगी गाज

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बदायूं। शासन तक की गई शिकायत के बाद जिले में लोक निर्माण विभाग की एक करोड़ रुपये लागत से अधिक की 20 सड़कें जांच के घेरे में हैं। अगर गुणवत्ता कसौटी पर खरी नहीं उतरी तो अभियंताओं पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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शासन के आदेश पर गठित अभियंताओं की टीम ने सड़कों का निरीक्षण किया था। इस दौरान मजबूती परखी व सामग्री के सैंपल लिए। सैंपल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, वहां पर यह देखा जाएगा कि जो मानक विभाग ने तय किए हैं, उसके अनुरूप डामर-बजरी का अनुपात सही था या नहीं। सड़क की कुटाई मजबूती के मानक के अनुरूप की गई है या नहीं। इसके बाद शासन को रिपोर्ट जाएगी।
सिविल लाइंस निवासी अरुण कुमार के नाम से की गई इस शिकायत की जांच के लिए टीम बनी थी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (ग्रामीण सड़क) अशोक कुमार अग्रवाल के साथ अभियंता उमाकांत सिंह और राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमाशंकर यादव इस शिकायत पर 18 मई को बदायूं आकर जांच कर चुके हैं। अशोक कुमार ने ही 20 सड़कों की सूची देते हुए एक और जांच समिति बनाई। समिति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) बरेली के अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार और मुरादाबाद से लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह को जांच दी गई। लखनऊ से प्रमुख अभियंता और जांच टीम के प्रमुख अशोक कुमार ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई समिति की जांच पूरी हो गई है। आख्या एक दो दिन में मिल जाएगी। इसके बाद वह जांच आख्या शासन को भेज देंगे।
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शिकायतकर्ता नहीं आए सामने, जांच अंतिम दौर में
सिविल लाइंस बदायूं निवासी अरुण कुमार यादव का नाम लिखते हुए जो शिकायती पत्र शासन को भेजा गया था। उस पर जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन के पास पहुंच जाएगी लेकिन अब तक शिकायतकर्ता सामने नहीं आया। अलबत्ता अभियंता बचाव करने में जुट गए हैं

इन सड़कों को देखा जांच टीम ने
बदायूं कादरचौक गंगापुर मार्ग, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राज्य मार्ग, दातागंज उसैहत मार्ग, बदायूं में कादरचौक गंगापुर मार्ग पर जांच टीम ने नमूने लिए और परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

राज्य स्तर की जांच कमेटी ने कुल चार सड़कें देखीं थीं। इनमें से दो सड़कों पर लगी सामग्री की ग्रेडिंग चेक कराने के लिए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में कोई कमी सामने नहीं आई। मेरे द्वारा गठित जांच समिति ने 20 सड़कों का परीक्षण किया है। इनकी रिपोर्ट अभी आनी है। -अशोक कुमार अग्रवाल, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ
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