बदायूं। जिस ईको कार्डियोग्राफी मशीन के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने बदायूं से लेकर लखनऊ तक दौड़ लगाई थी, वह आज दो माह गुजरने के बाद भी शुरू नहीं हुई है। इससे न सिर्फ मरीजों को भटकना पड़ रहा है, बल्कि मशीन होने के बावजूद मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कहा जा रहा है कि इंजीनियर आएगा, तभी उसकी शुरूआत होगी।
शुक्रवार को ईको कार्डियोग्राफी मशीन की सबसे अधिक आवश्यकता हुई। सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक सात मरीज ऐसे आए, जिनको दिल का दौरा पड़ा था। उनकी हालत बहुत खराब थी। उनके परिवार वाले बहुत परेशान दिखाई दे रहे थे। वह तो गनीमत रही कि कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गीतेश गोविल ने प्राथमिक उपचार से ही स्थिति पर काबू पा लिया लेकिन मशीन चालू न होने के कारण वह वास्तविक स्थिति नहीं जान सके। हालांकि उन्होंने मरीजों से कहा है कि वह ईको कार्डियोग्राफी करा लें, जिससे सही उपचार हो सके। अगर जिला अस्पताल में ईको कार्डियोग्राफी मशीन चालू होती तो शायद मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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ईको कार्डियोग्राफी शुरू कराने के लिए हम कई बार पत्र भेज चुके हैं। इसके लिए कंपनी से इंजीनियर आएगा। तभी मशीन शुरू होगी। इसको शुरू कराने के प्रयास जारी हैं।
-डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल