वोटों की राजनीति को लाया
गया तीन तलाक कानून
बदायूं। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने गुरुवार को संसद में तीन तलाक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर जो कानून बनाया गया है उसमें मुस्लिम पुरुषों को तीन साल के दंड का प्रावधान किया गया है, जिसका समाजवादी पार्टी पुरजोर विरोध करती है। इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। किसी भी धर्म एवं कानून में तलाक के आधार पर जेल भेजने की व्यवस्था नहीं है। मुस्लिम परिवारों में विवाद बढ़ाने और वोटों की राजनीति करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा यह बिल लाया जा रहा है।
मुस्लिम परिवार शरीयत के कानून के हिसाब से बेहतर तरीके से चल रहे हैं। मात्र वोटों की राजनीति तथा मुस्लिम परिवारों में बंटवारे के उद्देश्य से यह कानून लाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी तीन तलाक के कानून को इस रूप में विरोध करती है। यदि वास्तव में केन्द्र की भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तीकरण के पक्ष में है तो पिछली समाजवादी पार्टी की तरह पेंशन तथा 1090 महिला हेल्पलाइन पूरे देश में लागू करने का काम करें। आगरा में अनुसूचित जाति की बहन को जलाया गया। यूपी में एक-एक दिन में तीन से चार घटनाएं इस प्रकार की हो रही है उस पर क्या कार्रवाई की गयी। सपा सांसद ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूॅ कि जेपीसी की मांग को स्वीकार कर चर्चा कर संशोधित बिल लागू करें।सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि इन्द्रा साहनी के बाद देश में जब आरक्षण लागू हुआ तो क्रीमिलियर की व्यवस्था की गयी। एक हाई पावर कमेटी बनाकर नियम बनाए गए 2004 आते-आते एक फर्जी मैमोरेंडम जारी किया गया। उसकी कोई काननूी वैधता नहीं थी उसको 2015-16 में लागू करके यूपीएससी के सैकड़ों नौजवानो के साथ विश्वास घात किया है।