उझानी (बदायूं)। सोमवार को गंगा स्नान के दौरान डूबने से मरे कासगंज के युवक विवेक के शव को मुखाग्नि देने से पहले उस वक्त परिवार के लोगों ने चिता से उठा लिया जब किसी ने उसके शरीर में सांस बताई। घरवाले शव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी गए। कहा, विवेक का ब्लड प्रेशर नार्मल है लेकिन डॉक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।
कासगंज जिले में सोरों कोतवाली क्षेत्र के मानपुर नगरिया निवासी हरीशंकर शर्मा के 17 वर्षीय बेटे विवेक की नहाते समय गंगा में डूबने से मौत हो गई थी। शव भी करीब दो घंटे बाद मिल पाया था। घरवाले शाम को ही शव लेकर गांव चले गए। मंगलवार पूर्वाह्न में विवेक के अंतिम संस्कार के लिए कछला गंगाघाट पर चिता बना दी गई। शव भी चिता पर रख दिया गया लेकिन उसी दौरान परिवार के एक सदस्य ने शरीर में सांस बताकर कछला से ही निजी चिकित्सक को बुला लिया। चिकित्सक ने ब्लड प्रेशर चेक किया। ब्लड प्रेशर नार्मल बताकर उसने भी लोगों को पसोपेश में डाल दिया। पिता हरीशंकर समेत रिश्तेदारों को भी लगा कि विवेक जिंदा है, उन्होंने मुखाग्नि देने की बजाय शव चिता से उठा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. निरंजन सिंह ने उसे पहले से मृत बताया तो घरवाले यकीन करने की बजाय इलाज शुरू कर देने पर जोर देने लगे। करीब 24 घंटे तक पसोपेश के बीच विवेक का मंगलवार शाम पांच बजे अंतिम संस्कार किया गया।
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हरीशंकर का इकलौता बेटा था विवेक
उझानी। मानपुर नगरिया निवासी विवेक शर्मा अपने पिता की पांच संतान में इकलौता था। उसकी चार बहनों में दो की शादी भी हो चुकी है। विवेक की शादी की भी रिश्तेदारी से बात चल रही थी लेकिन कुदरत को तो कुछ और ही मंजूर था। बेटे की मौत से बदहवास हरीशंकर की पत्नी मुन्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। उसे जब यह पता लगा कि विवेक के मृत शरीर में सांस है तो वह भी परिवार की महिलाओं के साथ कछला गंगाघाट पर पहुंच गई।
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पुलिस ने कराया जीतू के शव का पोस्टमार्टम
उझानी। तालाब में नहाने को कूदे तीन युवकों में से मौत का शिकार हुए भर्राटोला मोहल्ले के जीतू (20) पुत्र भोला के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह पेट में पानी भर जाना सामने आई है। जीतू की मौत की सूचना के बाद दिल्ली से तड़के उसके परिवार वाले भी आ गए। एसएसआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि जीतू की मौत इत्तेफाकिया घटना है।