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Budaun News: मोबाइल कोर्ट में आईं दिव्यांगों की 180 शिकायतें, अस्थायी प्रमाण पत्रों पर लगी रोक

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राजकीय महाविद्यालय में मोबाइल कोर्ट में मौजूद दिव्यांग।संवाद
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बदायूं। दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय आवास विकास में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य आयुक्त हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष शिविर में 180 शिकायतें आईं।
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राज्य आयुक्त ने पूर्व में जारी अस्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्रों को निरस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि भविष्य में कोई भी अस्थायी प्रमाण पत्र जारी न किया जाए। जिनके जारी हुए हैं, उनका दोबारा परीक्षण कर स्थायी जारी किया जाए। मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगजनों ने पेंशन, आवास, अंत्योदय राशन कार्ड, प्रमाण पत्र, सहायक उपकरणों से जुड़ी समस्याएं रखीं। भूमि विवाद से जुड़े एक प्रकरण में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को जांच के निर्देश दिए गए। एक मूक-बधिर के टेस्ट के लिए सीएमओ को शाहजहांपुर के सीएमओ से समन्वय करने को कहा गया।

राज्य आयुक्त ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होना चाहिए। इस अवसर पर विधि अधिकारी उत्कृष्ट द्विवेदी, सीडीओ केशव कुमार, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी प्रणव पाठक आदि थे।
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दिव्यांगता की श्रेणियां सात से बढ़ाकर की गई 21
बदायूं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य आयुक्त हिमांशु शेखर झा ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं को समाधान करने का प्रयास करें, क्योंकि अब दिव्यांगता की श्रेणियां सात से बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं। उन्होंने सीडीओ केशव कुमार से कहा कि जिले में दिव्यांगों के हित में किए गए श्रेष्ठ कार्यों को संकलित करें। तीन दिसंबर को मनाए जाने वाले विश्व दिव्यांगजन दिवस के पुरस्कार के लिए प्रस्ताव भेजे। सीएमओ डाॅ. रामेश्वर मिश्रा से कहा गया कि मेडिकल बोर्ड में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर सप्ताह में दो दिन शिविर का संचालन किया जाए। राज्य उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेंद्र सोनकर ने कहा कि 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाए। यदि कोई कर्मचारी कार्यकाल में दिव्यांग हो जाए, तो उसे नौकरी से न हटाया जाए। बल्कि समान वेतन और सुविधाओं के साथ उपयुक्त पद पर स्थानांतरित किया जाए।
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पुरानी दिव्यांग कमेटी निरस्त, सीएमओ ने किया नई समिति का गठन

संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में गठित पुरानी दिव्यांगजन मेडिकल बोर्ड समिति को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मंगलवार को निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही नई कमेटी का गठन करते हुए दो प्रमुख बदलाव किया गया है।
सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. रियाज उद्दीन को समिति से हटाकर उनकी जगह ईएनटी व सर्जन डॉ. एमए सिद्दिकी को शामिल किया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष मोहन के स्थान पर डॉ. कुशल पाल सिंह को सदस्य बनाया है। नवगठित समिति में पूर्व की भांति जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हरीश राजपूत और राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नरवीर सिंह यादव को यथावत रखा गया है। मंगलवार को यह आदेश तब जारी हुआ है। जब उत्तर प्रदेश के राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा और राज्य उपायुक्त शैलेंद्र सोनकर जिले के दौरे पर है। नई समिति का गठन समीक्षा बैठक के बाद किया गया है। इससे दिव्यांग प्रमाणपत्र निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता की उम्मीद जताई जा रही है।

राजकीय महाविद्यालय में मोबाइल कोर्ट में मौजूद दिव्यांग।संवाद

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