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चीनी मिलों की मनमानी से गन्ना किसान सदमे में

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फोटो- 14
चीनी मिलों की मनमानी
से गन्ना किसान सदमे में
गर्मी आ गई, नहीं आ रहीं गन्ने की पर्चियां
अफसर भी नहीं समझ रहे किसानों का दर्द
दौरी निरोत्तमपुर के किसान ने डीएम को सुनाया दर्द
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गर्मी आ गई। अभी खेतों में हजारों बीघा गन्ने की फसल खड़ी है। पर्चियां आ नहीं रही हैं। कुछ ही दिनों में मिलें बंद हो जाएंगी। चीनी मिलों की मनमानी से गन्ना किसान बेहद परेशान हैं। अफसर किसानों का दर्द समझ नहीं रहे हैं। किसी के बेटा-बेटी शादी करने को हैं, कोई कर्जा चुकाने को है। बेचारे किसान करें तो क्या? खेत में खड़ी गन्ने की फसल देखने के बाद किसान रात को सो नहीं पाते हैं।
जिले में गन्ने की पैदावार अच्छी खासी है। इस साल भी किसानों ने बड़ी मात्रा में गन्ना किया। मगर फसल तैयार होने के बाद किसान रोने को मजबूर है। शासन के निर्देश हैं कि हर किसान का गन्ना खरीदा जाए। मगर सरकार के एक अलग प्रजाति के गन्ने का मूल्य निर्धारित करने के आदेश ने किसानों की मुश्किल और चीनी मिलों की मनमानी बढ़ा दी।
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दरअसल, जब मिलें चालू होती हैं तब माफिया सक्रिय हो जाते हैं, जिनकी मिलों के अधिकारियों से सेटिंग रहती है जिसके चलते उन्हीं माफिया के जरिए किसानों को पर्चियां जारी होती हैं। वर्तमान में जिले के काफी संख्या में किसानों का गन्ना आज भी खेतों में खड़ा है। प्रतीक्षा है तो सिर्फ मिलों पर उसके पड़ने की। मगर लंबे समय इंतजार करने के बाद भी किसानों को पर्चियां नहीं मिल पा रहीं हैं।
तहसील सदर क्षेत्र के गांव नगला शर्की, आमगांव,कुनार,लखनपुर, मझिया, सोई, मोंगर, चकोलर, सिलहरी, कुरऊ, बरातेगदार के किसानों का कहना है कि वे गन्ने को लेकर बेहद परेशान हैं। गांव नगला शर्की निवासी बड़े किसान कैलाश सिंह, लोकपाल सिंह, अनिल कुमार ने बताया कि उनका काफी गन्ना खेत में खड़ा है। लोकपाल सिंह को अब तक सिर्फ दो पर्चियां हीं मिलीं हैं। यही हाल कैलाश सिंह का है। रामेश्वर सिंह और हाकिम सिंह ने कहा कि उनका भी गन्ना खेतों में खड़ा है। बोले-अब पर्चियां नहीं मिल रहीं हैं जिसकी वजह से हर किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कहीं खेत में ही गन्ना न सूख जाए। गन्ना किसानों का कहना है कि कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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डीएम साहब, गन्ना न पड़ने से रात को नींद नहीं आती
कैसे चलेगा घर, कैसे होंगे बेटी के हाथ पीले

बदायूं। सिविल लाइन क्षेत्र के गांव दौरी निरोत्तमपुर निवासी किसान मुनिराज मिश्रा गन्ने की पर्चियां नहीं मिलने से बेहद परेशान हैं। बुधवार को डीएम को उन्होंने एक पत्र दिया। जिसमें कहा है कि उसके पास 19 बीघा गन्ना है। पर्चियां मिल नहीं रहीं हैं। वह हार्ट के मरीज हैं। भाई 60 साल के हैं वह भी सदमे हैं। उनकी मां को भी इस बात की चिंता है कि यदि गन्ना न पड़ा तो जीवकोपार्जन कैसे होगा। सरकारी कर्जा और बिजली का बिल कैसे निपटेगा। चार बेटियां शादी को हैं उनके हाथ कैसे पीले होंगे।
मुनिराज ने कहा कि वह अपनी समस्या से सभी अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र भेज चुके हैं पर शिकायत का निस्तारण नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि देशराज मिश्रा, मुनिराज मिश्रा और ज्ञाना देवी का गन्ना सर्वे हुआ पर नाम नहीं चढ़ाया गया। इनका नाम चढ़ाकर पर्चियां दिलायी जाएं।
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वर्जन
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180 दिन मिलें चलती हैं। उसी के हिसाब से गन्ना किसानों को पर्चियां जारी की जाती हैं। किसान बिल्कुल परेशान न हों प्रत्येक किसान का शत-प्रतिशत गन्ना खरीदा जाएगा। कैलेंडर के हिसाब से किसानों को पर्चियां जारी हो रहीं हैं। -दिलीप कुमार सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बदायूं
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जिले का गन्ना इन मिलों को जाता है-
-किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर
-यदु शुगर मिल बिसौली
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