बदायूं। दातागंज ब्लॉक क्षेत्र में एक बार फिर बुखार ने दस्तक दे दी है। इसकी चपेट में आने से शनिवार को टिकरा पलौरा गांव में एक बालिका की मौत हो गई, जबकि गांव में लगभग सवा सौ लोग बीमार पड़े हैं। पिछले साल इसी गांव में फैल्सीपेरम से काफी लोग बीमार हुए थे, इस बार कौन सा बुखार है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के इस बार भी ढीले रवैये से गांवों में जानलेवा बुखार तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ है।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम टिकरा पलौरा की आबादी लगभग छह सौ है। यहां की गुंजा (6) पुत्री सुरेंद्र को शनिवार सुबह करीब सात बजे अचानक तेज बुखार आया था। इस पर परिवार वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां दोपहर तक बालिका भर्ती रही, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे बालिका को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिवार वाले उसके शव को गांव ले गए हैं। वहीं गांव में विजनेश (11) पुत्र रामप्रसाद, आरती (13) पुत्री राधेश्याम, नन्ही देवी (35) पत्नी अमर सिंह, शांति देवी (55) पत्नी श्रीपाल समेत करीब 125 लोग लोग बुखार से पीड़ित हैं। यहां बता दें कि पिछले साल दातागंज समेत आसपास क्षेत्र में फैल्सीपेरम बुखार फैला था, तब लगभग साढ़े तीन सौ लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने सौ से भी कम मौतों का आंकड़ा दिया था। इसके बाद दातागंज, समरेर, जगत और सालारपुर ब्लॉक को संवेदनशील घोषित कर दिया गया था। टिकरा पलौरा गांव में फैल्सीपेरम से काफी लोग बीमार हुए थे, हालांकि तब किसी की मौत नहीं हुई थी।
फिर भी अलर्ट नहीं हुआ स्वास्थ्य विभाग
एक बार गलती होने पर हर कोई सुधार लाने का प्रयास करता है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ऐसा है, जहां बार-बार गलती और लापरवाही होती रहती है। इसके बावजूद सुधार का नाम नहीं है। विभागीय अधिकारी बुखार फैलने के प्रति गंभीर नहीं है और न ही कोई पहले से तैयारी की है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो और लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है।
मलेरिया विभाग ने नहीं कराया छिड़काव
मलेरिया विभाग ने इस बार भी किसी गांव में दवा का छिड़काव नहीं कराया है, जबकि विभाग को अच्छी तरह पता है कि गांव में बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण मच्छर हैं। इसी से तरह-तरह के रोग फैलते हैं। इसके बावजूद छिड़काव नहीं कराया गया है। गत वर्ष देहात क्षेत्र में छिड़काव न होने से बीमारी फैली थी और लोगों को अपनी जान देकर उसकी कीमत चुकानी पड़ी थी। अगर मलेरिया विभाग जल्द नहीं चेता तो मामला गंभीर होने के इस बार भी आसार दिखाई दे रहे हैं।
गांव में बुखार फैलने की अभी जानकारी मिली है। मैं सुबह ही गांव में टीम भेजकर पता कराता हूं। जो भी बीमार होंगे उनका ब्लड टेस्ट कराया जाएगा और उनका उपचार किया जाएगा।
- डॉ. प्रमोद कुमार, एसीएमओ
टिकरा पलौरा गांव में बुखार से बच्ची की मौत होने की सूचना मिली है। गांव में कहीं गंदगी तो नहीं फैली है, इसके लिए सफाई कर्मचारियों की टीम बनाकर गांव में भेजा गया है। गंदगी को पूरी तरह से साफ किया जाएगा।
- चरन सिंह, एडीओ पंचायत