एक ओर जहां लोग अपने स्वार्थ के लिए जाति और धर्म का सहारा लेकर लोगों के दिलों में नफरत पैदा करने में लगे हैं। वहीं विकासखंड जगत क्षेत्र के गांव बमनी में दादा मियां के माता-पिता की मजार पर गुरुवार को लंगर और कुरानख्वानी में हजारों हिंदू-मुस्लिम लोगों ने हिस्सा लेकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
सखानू में दादा मियां की मजार है। उनके माता-पिता मूलरूप से बमनी गांव के रहने वाले थे। वहीं पर उनकी मजार है। लोगों ने इसके लिए अपना खेत छोड़ दिया था। साथ ही पीने के पानी को हैंडपंप भी लगवाया था। आज उनकी मजार पर लंगर और कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। दोनों धर्मों के लोग एक-दूसरे को लंगर और कुरानख्वानी करा रहे थे। इस मौके पर हजरत जिया मियां, हाफिज फैजान अशरफ आदि प्रमुख लोग थे।