गंगा में बालिका के डूबने के बाद तलाश करती गोताखोरों की टीम। संवाद
बदायूं। कछला गंगा घाट पर शुक्रवार दोपहर अमावस्या के उपलक्ष्य में गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी बड़ी उमड़ी। गंगा स्नान के दौरान राजस्थान से आए श्रद्धालु परिवार की एक 12 वर्षीय बालिका स्नान के दौरान गंगा की धार के साथ बह गई। जबकि, दो बच्चों को बचा लिया गया। बालिका के डूबने पर माता-पिता के शोर मचाते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। गंगा में बालिका की तलाश के लिए गोताखोरों की 15 सदस्यीय टीम लगाई गई थी। घटना के 7 घंटे बाद भी बालिका का सुराग नहीं लग सका।
राजस्थान के भरतपुर जिले के थाना जोगी नगला के गांव रूपवास निवासी वीरान अपने परिवार सहित करीब 40 लोगों के साथ बस से कछला आए हुए थे। वीरान अपनी 12 वर्षीय बेटी इंद्रा व पत्नी आरती के साथ कासगंज की ओर वाले घाट पर गंगा स्नान कर रहे थे। दोपहर 12 बजे स्नान करते हुए वह गंगा के तेज बहाव के बीच आ गई। तेज बहाव के कारण बालिका डूबने लगी। बेटी को डूबता देख माता-पिता ने शोर मचाया। उनका शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने भी बालिका को पानी से निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बालिका गहरे पानी में चली गई। बालिका के डूबने पर माता-पिता ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी गोताखोरों के पहुंचने में देरी हुई। नाराज परिजनों के विरोध का सामना घाट पर ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
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पिंडदान करने आया था परिवार
राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव दौलतगंज निवासी पप्पू ने बताया कि वह बस से गांव से करीब 40 लोग अपनी चाची के पिंडदान करने आए थे। सोरों में पिंडदान करने के बाद कछला स्नान करने आ गए। स्नान करने के दौरान उनके साथ इंद्रा पुत्री वीरन, गोविंदा पुत्र दलबीर और सकीना पुत्री दलवीर गंगा में एक साथ स्नान कर रहे थे। बच्चों को डूबने के शोर के चलते आसपास मौजूद लोगों ने गोविंदा और सकीना को बचा लिया। लेकिन इंद्रा गहरे पानी में बहाव के साथ बह गई।
गंगा में बालिका के डूबने के बाद तलाश करती गोताखोरों की टीम। संवाद
गंगा में बालिका के डूबने के बाद तलाश करती गोताखोरों की टीम। संवाद