करीब पौने तीन साल पहले शौच को गई दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के दो मुल्जिमों को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डॉ.कपिला राघव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जमा होनेे पर पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का भी आदेश है।
दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना 17 मार्च 2016 को थाना रजपुरा (संभल) के एक गांव में उस समय हुई थी जब किशोरी शौच को खेत पर गई थी। मुजरिम जग्गा उर्फ जयप्रकाश पुत्र श्याम लाल और शिवशंकर पुत्र सेवाराम ने किशोरी को हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया। गेहूं के खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप था कि मुजरिमों ने घटना को अंजाम देने के बाद किशोरी को बांध दिया था। जब किशोरी काफी देर तक घर नहीं पहुंची तब परिजनों को चिंता हुई। तलाश करने पर वह गेहूं के खेत में बंधी हालत में मिली। तब उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। बाद में परिजनों ने थाने में दोनों मुजरिमों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना के बाद अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, एससी एसटी और पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट ने आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल जज डॉ.कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी मदन लाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद जग्गा उर्फ जयप्रकाश और शिवशंकर को मुजरिम करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जमा होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का भी आदेश दिया है।