एक किसान की हत्या के जुर्म में तीन मुजरिमों को अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) डॉ.कपिला राघव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें दो सगे भाई हैं। तीनों पर 32 हजार का जुर्माना भी डाला है।
हत्या की यह घटना थाना दातागंज क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना में तीन जनवरी 2010 को हुई थी। गांव निवासी नन्हें पुत्र रामप्रसाद यादव ने रिपोर्ट लिखाई थी कि खेत पर कब्जे को लेकर गांव के ही कलक्टर सिंह आदि से कहासुनी हो गई थी। उसी रंजिश के चलते मुजरिमों ने उसके भाई हरपाल सिंह को उस समय रास्ते में घेर लिया था जब वह खेत से घर लौट रहे थे। वह भी साथ में थे। मुजरिमों ने पहले गोली मारी। बाद में लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। इस घटना में कलक्टर सिंह पुत्र प्यारे सिंह, नन्हू सिंह उर्फ नन्हें, साधू सिंह पुत्रगण रनसिंह तथा राजेश पुत्र टाकन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद मुजरिमों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कलक्टर सिंह की दौराने मुकदमा मृत्यु हो गई।
अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदन लाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद साधू, नन्हू सिंह उर्फ नन्हें और राजेश को मुजरिम करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें साधू सिंह पर 12 हजार और बाकी दोनों पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है।