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शहर में क्राइम कंट्रोल करेंगी यूपी 100 की 11 बाइक

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यूपी 100 बाइक का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। शहर के तंग रास्तों में यूपी 100 गाड़ियों की आवाजाही की परेशानी अब खत्म हो जाएगी। सामान्य मामलों में यहां पहले यूपी 100 की बाइक्स भेजी जाया करेंगी। इसके लिए शासन से बदायूं को 11 बाइक देने की संस्तुति की गई है। इनमें दस शहर में दौड़ेंगी तो एक रिजर्व में रहेगी। इन्हें होमगार्ड चलाएंगे और सिपाही पीछे बैठेंगे। इसके लिए स्टाफ की ट्रेनिंग शुरू हो गई है।
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अपराध नियंत्रण में अब यूपी 100 की बाइक्स पुलिस की सारथी बनेंगीं। बदायूं जिले को शासन से 11 बाइक देने की संस्तुति मिली है। अगले महीने तक यह बाइक बदायूं की सड़कों पर दौड़ती दिखाई देंगी। यूपी 100 की गाड़ियों पर तो स्टाफ की दो शिफ्टों में बारह-बारह घंटों की ड्यूटी रहती है। बाइक पर इतनी लंबी ड्यूटी करना संभव नहीं होगा। ऐसे में तीन शिफ्टों में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी दी जाएगी। एक बाइक पर दो लोगों की तैनाती होगी। इस काम के लिए 76 लोगों को चिह्नित कर पुलिस लाइंस में उनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी गई है जो चार मार्च तक चलेगी। यूपी 100 के जिला प्रभारी केके चौधरी ने बताया कि इनमें से 36 होमगार्ड हैं जो बाइक को ड्राइव करने का काम करेंगे। उनके पीछे पुलिसकर्मी बैठेंगे। थानों के अलावा पुलिस आफिस, सीओ पेशी व पुलिस लाइंस से कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल चिह्नित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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57 गाड़ियां करती हैं मूवमेंट

बदायूं। जिले में इस समय यूपी 100 की साठ चार पहिया गाड़ियां अपराध नियंत्रण में लगी हैं। इनमें से 57 वाहन संचालित हो रहे हैं जबकि तीन रिजर्व में हैं। कुल 405 लोगों का स्टाफ इन गाड़ियों पर लगा है। इनमें 133 चालक हैं, जिनमें से 33 पुलिस के, 47 पीएसी के और 53 होमगार्ड शामिल हैं। बदायूं जिले की गाड़ियों का औसत रेस्पांस टाइम 13 से 15 मिनट का है जो दूसरे जिलों के मुकाबले बेहतर है। बाइक आने से यह और सुधर सकता है, क्योंकि बाइक आसानी से जाम को चीरकर गलियों में भी जा सकेगी।
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