पुरानी पेंशन की बहाली को सरकार से दो-दो हाथ करने को कर्मचारी शिक्षक अधिकारी मंच ने पूरी कमर कस ली है। बुधवार से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन के जरिए पहले दिन ही सरकार को चेताया। साफ कहा कि अब वह किसी तरह की बातों में आने वाले नहीं है, मांग को पूरा कराके ही रहेंगे।
जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि अब कर्मचारी और शिक्षक जाग उठा है। कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से इस आंदोलन को पुरानी पेंशन की बहाली तक निरंतर चलाया जाएगा। संयोजक एके मिश्रा ने कहा कि पेंशन किसी भी कर्मचारी और शिक्षक की बुढ़ापे की लाठी होती है। जिसको सरकार ने बंद कर कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में कर दिया है। सह संयोजक गौरव यादव, प्रेम प्रकाश पांडेय, मदन मुरारी गुप्ता, राजीव कुमार, कुसुम पाल सिंह आदि मौजूद रहे। सदर तहसील परिसर में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार सक्सेना कहा कि पुरानी पेंशन हमारा हक है। इस मौके पर अरविंद कुमार सागर, जेएन सिंह, सोमपाल सिंह, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बिल्सी में भी हड़ताल का असर रहा। इस मौके पर संयोजक अनीता शर्मा, सुशील कुमार, राधा बल्लभ उपाध्याय, सौरभ श्रीवास्तव, मनोज सक्सेना, अर्चना शंखधार मौजूद रहे।
दातागंज में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ब्लाक परिसर में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष अजीत सिंह पाल, अनुराग यादव, संजय यादव, पवन यादव, अनिरुद्ध यादव, विद्या यादव आदि मौजूद रहे।
बिसौली में तहसील परिसर में ाथमिक शिक्षक संघ शाखा, संग्रह अमीन, सिंचाई विभाग, माध्यमिक शिक्षक संघ सहित अनेक संगठन के पदाधिकारी धरने में शामिल हुए। इस मौके पर अशोक बाबू शर्मा, मधुकर उपाध्याय, देवेंद्र गुप्ता, शैलेंद्र सिंह, रजनीश चौधरी, सर्वेंद्र सिंह मौजूद रहे।
कादरचौक। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगपुर पुख्ता के शिक्षक प्रवीण कुमार ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
विकास भवन के कर्मचारी नहीं हुए शामिल
पुरानी पेंशन को लेकर जहां जिलेभर में कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर रहे। लेकिन विकास भवन के कर्मचारियों पर इसका असर देखने को नहीं मिला। वह पूरे दिन अपने-अपने कार्यालय में रोजाना की तरह अपना काम निपटते नजर आए।