राजकीय मेडिकल कॉलेज को शासन ने 20 करोड़ रुपये और जारी कर दिए हैं। इससे कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी आ जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की माने तो अगस्त से इमरजेंसी सेवा शुरू हो जाएंगी तो मरीज भर्ती होने लगेंगे।
सपा शासनकाल में करीब पांच साल पहले उझानी रोड पर गांव गिनौरा वाजिदपुर के पास राजकीय मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण और चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 6 अरब 46 करोड़ 11 लाख 21 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें अब तक 4 अरब 79 लाख 64 हजार रुपये का बजट शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज को 16 मार्च 2018 तक जारी किया जा चुका है। अब भी मेडिकल कॉलेज के लिए 245 करोड़ से अधिक का बजट मिलना बाकी है। अक्तूबर 2015 में राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू हो गई थी। इसके बाद शासन ने चिकित्सा उपकरणों की खरीद को 20 करोड़ रुपये जारी किए थे। इस धनराशि से चिकित्सा उपकरणों की खरीद हो रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के आवेदन पर नवंबर 2016 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने यहां दौरा किया। फैकल्टी पूरी न होने की वजह से एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज को मान्यता नहीं दी। मार्च 2018 में 12 करोड़ 72 लाख रुपये के आसपास बजट मिला था। अब शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।
प्राचार्य का कहना है कि जल्द ही एमसीआई की टीम बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज का दौरा कर सकती है। इसको लेकर हमारी तरफ से पूरी तैयारी हो रही है। उम्मीद है वर्ष 2019 में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी, क्योंकि एमसीआई की टीम को जिन मानकों की जरूरत है, उन्हीं पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।