बदायूं। प्रदेश सरकार ने बच्चों की पढ़ाई को बोझरहित और रोचक बनाने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में बदलाव किया है। नई शिक्षा नीति के तहत चलाई जा रही “आनंदम योजना” के तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए बैगलेस क्लास शुरू की है। इसके तहत अब बच्चों को पूरे वर्ष में 10 दिन स्कूल बैग लाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे शिक्षा का दबाव कम होगा और वे सीखने की प्रक्रिया का आनंद उठा सकेंगे।
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सरकार का मानना है कि बच्चों का मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास तभी संभव है। जब उन्हें किताबों से आगे हटकर गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को खेल, प्रयोगों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को स्कूलों में विशेष रूप से खेलकूद, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद, पिकनिक, समूह गतिविधियां और विभिन्न क्रिएटिव कार्यक्रम कराए जाएंगे। शिक्षक बच्चों को टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल कराएंगे। इससे न केवल बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ेगी, बल्कि वे अपने व्यक्तित्व विकास की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार बैगलेस डे का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यह एहसास कराना है कि सीखना केवल किताबों तक सीमित नहीं है। प्रैक्टिकल और गतिविधि-आधारित शिक्षा से बच्चे जल्दी सीखते हैं और उनका ध्यान अधिक केंद्रित रहता है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को जमीन पर उतारने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।