फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: दाखिले के दूसरे ही रोज बीटेक छात्र ने दी जान

Wed, 17 Jul 2013 08:38 PM IST
नैनी (इलाहाबाद)/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के नैनी में शियाट्स (सैम हिग्गिन बॉटम इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस) में दो दिन पहले ही दाखिला लेने वाले बीटेक के छात्र ने मौत गले लगा ली।
विज्ञापन


वह गंगोत्री नगर के एक मकान में ठहरा था। मंगलवार रात तीसरे पहर उसने फांसी लगा ली। सुबह दूसरे छात्रों ने उसे फंदे से लटका देखा।

मधुबनी में उसके परिवार और नैनी पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। रात में बड़े भाई समेत परिजन आ गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मधुबनी (बिहार) में सलेमपुर इलाके में रहने वाले किसान राजेंद्र प्रसाद साहू के चार बेटों में प्रवीण साहू (20) तीसरे नंबर पर था।

उसके बड़े भाई चंद्रभूषण ने शियाट्स से ही बीटेक किया था। उसने ही जोर देकर प्रवीण का भी दाखिला दो दिन पहले बीटेक (इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग) में करा दिया था। प्रवीण को गंगोत्री नगर में डॉ. मनोज कुमार मिश्र के घर में ठहराकर वह चला गया।
विज्ञापन


डॉ. मनोज मिर्जापुर में रहकर प्रैक्टिस करते हैं। उनके मकान के दूसरे कमरे में बीटेक छात्र अभिषेक कुमार और आनंद पांडेय रहते हैं। बुधवार दिन में करीब 10 बजे इन दोनों ने आंगन में प्रवीण को फांसी पर लटका देखा तो शोर मचाया। उसकी मौत हो चुकी थी।

शव आंगन में एंगल से बंधे पानी के पाइप के फंदे से लटका था। प्रवीण ने ड्रम पर चढ़कर फांसी लगाई थी। खबर पाकर एग्रीकल्चरल चौकी प्रभारी दीनदयाल पांडेय भी पहुंच गए।

छात्रों अभिषेक और आनंद ने पुलिस को बताया कि प्रवीण रात दो बजे तक उनके कमरे में था। उनके बीच बातचीत हो रही थी। उन्हें प्रवीण की बातों से लगा कि वह यहां नहीं पढ़ना चाहता था लेकिन वह आत्महत्या कर लेगा, ऐसा कुछ नहीं महसूस हुआ।

शक है कि उसने ही रात में उनके दरवाजे में बाहर से सिटकनी लगा दी थी। सुबह नौ बजे सोकर उठने पर उन्हें बाहर से दरवाजा बंद होने के बारे में पता चला तो एक दोस्त को फोन कर बुलाया।

उसने सिटकनी खोली तो वे प्रवीण के कमरे की ओर गए पर वह फांसी पर लटका नजर आया। प्रवीण की मौत की खबर मधुबनी में उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। भाई चंद्रभूषण परिजनों संग रात में आ गया।

चंद्रभूषण ने बताया कि बारहवीं तक प्रवीण ने मधुबनी में पढ़ाई की थी। फिर वह बीटेक करने भोपाल गया मगर कुछ ही समय में लौट आया था। वह बीटेक की पढ़ाई पर सही फैसला नहीं ले पा रहा था।
विज्ञापन


वह कभी हां करता तो कभी कहता कि मन नहीं है। इस वजह से परिवार के लोग समझ ही नहीं पाए कि वह नहीं पढ़ना चाहता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें