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यूपी: नाजायज रिश्ते से खफा था, मां-बहन का कर दिया खून

Fri, 23 Aug 2013 04:09 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में यमुनापार के कौंधियारा इलाके में मां-बेटी की हत्या का खुलासा हुआ तो पुलिस समेत हर कोई सन्न रह गया।
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सगे बेटे ने ही अपनी मां और गर्भवती बहन को मार डाला था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामला ऑनर किलिंग का निकला।

पुलिस अफसरों ने युवक से पूछताछ की तो उसने कबूला कि इज्जत की खातिर उसने अपनी मां और बहन की हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि 22 वर्षीय यह युवक अपनी बड़ी बहन के नाजायज रिश्ते से बेहद खफा था। उसने कई बार बहन को धमकाया भी था।

उसकी हरकत नहीं सुधरी तो भाई ने उसे मारने का फैसला कर लिया। मां की भी हत्या इसलिए कर दी कि वह उसे भांग के लिए पैसे देने से मना करती थी। घटना के तीन दिन पहले भी मां ने पैसे देने से इंकार कर उसे फटकारा था। तभी उसने मां-बहन को मार डालने की ठान ली थी। पुलिस ने दोहरे कत्ल में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
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बेनीपुर गांव में 17 अगस्त की रात को मंगला प्रसाद द्विवेदी की पत्नी मधुबाला (48) और गर्भवती बेटी मीनाक्षी (24) की हत्या कर दी गई थी। उन दोनों को धारदार हथियार से मारा गया था। कमरे में अटैची और बक्से खुले थे। सामान बिखरा था। मारी गई मधुबाला का छोटा बेटा गौरव बगल के कमरे में सोया था। उसने ही सुबह पड़ोसियों को बताया, जिसके बाद पुलिस को खबर दी गई।

मधुबाला का पति मंगला प्रसाद बड़े बेटे प्रशांत के साथ मुंबई में रहकर नौकरी करता है। पहली नजर में यही लग रहा था कि मां-बेटी की हत्या के बाद लूटपाट की गई थी। हालांकि मौके पर पहुंचे एसएसपी, एसपी यमुनापार, सीओ को ग्रामीणों से बातचीत में ऐसी जानकारी मिली, जिससे शक हुआ कि यह लूटपाट नहीं कत्ल की सुनियोजित वारदात है।

पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो गौरव ने कबूल लिया कि यह संगीन वारदात उसने अंजाम दी।

एसएसपी ने बताया कि दोहरे कत्ल से तीन दिन पहले भी गौरव ने पैसे मांगे तो मां ने उसे फटकारा था। उसी दिन गौरव ने तय कर लिया कि वह मां और बहन को जिंदा नही छोड़ेगा।

आखिर में, 17 अगस्त की रात उसने कुल्हाड़ी से मां और बहन को सोते में ही मौत की नींद सुला दिया। अटैची-बक्से में रखे सामान बिखेर दिए ताकि इसे लूट समझा जाए। बहन की गोल्डन कलाई घड़ी भी छिपा दी थी।

हत्या के बाद रात में ही उसने घर से कुछ दूर टोंस नदी में जाकर खून सने कपडे़ फेंक दिए। नहाया भी। फिर घर चला आया। पुलिस ने गौरव की निशानदेही पर कुल्हाड़ी और गोल्डन घड़ी बरामद कर ली।

अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने दोहरे कत्ल का जल्द पर्दाफाश करने पर एसओ कौंधियारा श्रवण सिंह को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।

हत्या से पहले तीन रात नहीं सोया वो
अपनी मां और बहन की हत्या जैसा जघन्य और दिल दहलाने वाला अपराध करने से पहले गौरव तीन रात और दिन जागता रहा। पैसे मांगने पर मां से फटकार के बाद उसने ठान लिया था कि मां और बहन को मार डालेगा। मगर वह हिम्मत नहीं जुटा जा पा रहा था। आधी रात तक वह टीवी देखता और हत्या की योजना बनाता रहता। एसएसपी के मुताबिक, 17 अगस्त को उसने फैसला किया कि आज की रात वह हत्या जरूर करेगा। उसने रात में भांग का नशा किया। फिर मां-बहन के गहरी नींद में सो जाने पर आधी रात में उन दोनों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
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'हां, इज्जत के लिए किया मैंने गुनाह'
कक्षा 11 के बाद पढ़ाई छोड़ चुके गौरव ने दो टूक कहा कि इज्जत के लिए उसने अपने हाथों से अपनी मां और बहन का खून किया। बहन ने परिवार की इज्जत मटियामेट कर दी थी। मना करने पर उसे ही उल्टा-सीधा बोलती थी। इस वजह से वह भीतर ही भीतर घुट रहा था। गौरव ने कहा-मां भी मीनाक्षी को समझाने की बजाय मुझ पर गुस्सा उतारती थी। उसे कुछ नहीं बोलती और मुझे पैसे देने की बजाय बुरा-भला कहती थी। इसलिए मैंने बहन मीनाक्षी के साथ ही मां को भी मार डाला।
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