उत्तर प्रदेश के बांदा में रोजाना नदी पार कर स्कूल जाने वाली गरीब घर की बेटी ज्ञान देवी की पढ़ाई का सपना अब शायद पूरा हो जाएगा। आर्थिक तंगी उसकी शिक्षा में आड़े नहीं आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उसे गोद लेने की घोषणा करते हुए शिक्षा का पूरा खर्च खुद वहन करने का भरोसा दिया।
नरैनी क्षेत्र के बेहद पिछड़े गांव टेढ़ा पुरवा में रामशरण निषाद की 18 वर्षीय पुत्री ज्ञान देवी को पढ़ाई का जुनून है। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। गांव से नरैनी स्थित महाविद्यालय आने के लिए वह रोजाना बागै नदी पार करती है। कापी-किताबों का बस्ता सिर पर रखकर गहरे पानी से गुजरती है।
ज्ञान देवी के पढ़ाई के इस शौक और जुनून की खबर ‘अमर उजाला’ ने पिछले माह 21 सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष और सपा नेता महेंद्र सिंह वर्मा ने संज्ञान लिया और ज्ञान देवी को गोद लेते हुए उसकी पूरी पढ़ाई का खर्च वहन करने की घोषणा की है।
शुक्रवार को श्री वर्मा ने ज्ञान देवी को 5000 रुपये और एक नई साइकिल प्रदान की। ज्ञान देवी को कालेज जाने के लिए काफी दूर साइकिल का सहारा लेना पड़ता है। श्री वर्मा ने यह भी घोषणा की कि पढ़ाई पूरी होने के बाद वह ज्ञान देवी की शादी भी शिक्षित परिवार में करेंगे।
अध्यक्ष ने अन्य लड़कियों से भी ज्ञान देवी से सबक लेने को कहा। ज्ञान देवी के जुनून को उजागर करने के लिए ‘अमर उजाला’ को सराहा।