यदि कोई आपको बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन, दिल्ली के नाम पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का अंकपत्र उपलब्ध कराने या मान्यता देने का दावा कर रहा है तो सावधान हो जाएं।
यह बोर्ड किसी राज्य या केंद्रीय सरकार के अधिनियम द्वारा स्थापित नहीं है। यह अमान्य बोर्ड है। इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद से लेकर दिल्ली सरकार ने भी अमान्य बताया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन, दिल्ली की ओर से राजधानी में फैलाए जा रहे फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जनहित में ये सूचना जारी की।
इसके जरिए उन्होंने अभिभावकों, बच्चों और स्कूल संचालकों को सावधान रहने की सलाह दी है। साथ ही इस बोर्ड के नाम पर खेल करने वाले जालसाजों और उससे संबद्ध स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन, दिल्ली पूरी तरह से फर्जी है। ‘अमर उजाला’ ने 21 मार्च को ‘यूपी में धड़ल्ले से चल रहा केंद्र से अमान्य बोर्ड’शीर्षक के साथ मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
साथ ही प्रदेश और प्रदेश के बाहर अमान्य घोषित किए जाने के बाद भी इस बोर्ड द्वारा फर्जी-प्रमाण पत्र और अंक तालिकाओं के साथ मान्यता बांटने के सच का भी खुलासा किया गया था।
इसके बाद 28 मार्च को माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से एक प्रेसवार्ता भी आयोजित की गई जिसमें संगठन ने इस बोर्ड के फर्जी होने के सभी साक्ष्यों को सार्वजनिक करने के साथ जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी के स्तर पर इस पूरे मामले की जांच की गई जिसमें बोर्ड के अमान्य होने की पुष्टि हुई है।
डीआईओएस ने बताया कि यह शिक्षा बोर्ड प्रदेश में मान्य नहीं है। इसकी ओर से जारी की जाने वाली अंक तालिका की भी कोई वैधता नहीं है। उन्होंने बताया कि इस बोर्ड और इससे जुड़े सभी स्कूलों के खिलाफ जांच की जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।