समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी ब्राह्मण वोटर्स पर फोकस किया है। इसके लिए पार्टी ने ब्राह्मण नेताओं की एक टीम तैयार की है।
अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले ब्राह्मण वोटर्स को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी प्लानिंग की है। पार्टी ने ब्राह्मण नेताओं की एक टीम गठित की है। इसमें कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। सोमवार को इन नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
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बताया जाता है कि इस बैठक में नेताओं ने ब्राह्मण वोटर्स को भाजपा से जोड़ने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। यूपी सरकार से ब्राह्मणों की नाराजगी को लेकर भी चर्चा हुई। इन नाराजगी को दूर करने के लिए भी नेताओं ने नड्डा के साथ प्लान शेयर किया। नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे नेताओं में पार्टी के सांसद शिव प्रताप शुक्ला, नोएडा से सांसद डॉ. महेश शर्मा, योगी सरकार में मंत्री ब्रजेश पाठक, आनंद स्वरूप शुक्ला, सतीश द्विवेदी, सत्यदेव पचौरी, रमापति राम त्रिपाठी, अनिल शर्मा जैसे नेता शामिल हैं।
सपा और बसपा लगातार ब्राह्मणों को जोड़ने में जुटी
भाजपा से पहले बसपा और सपा ने ब्राह्मण वोटर्स को लुभाने के लिए कई तरह की प्लानिंग कर रखी है। बसपा ने पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को आगे किया है। पिछले कुछ महीनों में पार्टी ने पूरे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के जरिए ब्राह्मण नेताओं को बसपा से जोड़ने का काम किया। इसी तरह सपा ने भी ब्राह्मण वोटर्स को जोड़ने के लिए भगवान परशुराम की मूर्ति बनाने का एलान किया है। सपा का आरोप है कि भाजपा के शासन में ब्राह्मणों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं।