शेरकोट पोशक नहर में जान जखिम में डाल डुबकी लगाते युवक, बच्चे। बैराज प्रशासन
शेरकोट/धामपुर। बदन को झुलसाने वाली गर्मी में नहर में गोता लगाना युवकों और बच्चों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। युवकों के साथ 10-12 वर्ष के बच्चे जान जोखिम में डालकर नहर में छलांग लगा रहे हैं। जबकि खो बैराज प्रशासन व पुलिस प्रशासन मौन साधे हैं।
तापमान में वृद्धि के साथ ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। गर्मी से राहत पाने के लिए खासतौर पर युवा खो नदी का रुख करने लगे हैं। सुबह से ही नदी की पोषक नहर के ठंडे पानी में नहाने लगते हैं। अधिकतर उत्साही युवा अपनी जान जोखिम में डाल एक दूसरे को देख ऊपर से नहर के पानी में छलांग लगाते हैं। नहर में हर वर्ष हादसे में कोई न कोई मौत के मुंह में चला जाता है।
प्रशासन की लापरवाही के कारण नहर में डुबकी लगाने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। जबकि उच्चाधिकारियों ने खो नदी व पोषक नहर में नहाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इतना ही नहीं कुछ अति उत्साही युवक नदी के पौंड एरिया में भी ऊपर पुल से डाइव लगाते हैं। जहां जरा सी चूक मौत का कारण बन जाती है। नदी के पौंड एरिया व पोषक नहर में नहाने के दौरान अब तक कई युवक अपने जीवन से हाथ धो चुके हैं। लेकिन न तो युवा नदी में नहाने से बाज़ आते हैं और न ही प्रशासन को फिक्र रहती है।
हद तो यह है कि अब छोटे- छोटे बच्चे भी नहर में नहाने का मजा ले रहे हैं। उनके परिजन भी बच्चों के प्रति लापरवाह हैं। लेकिन जब कोई हादसा हो जाता है तो प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाकर हंगामा धरना प्रदर्शन करते हैं।
- पुलिस की पैनी निगाह
थानाध्यक्ष धीरज कुमार का कहना है कि प्रशासन की ओर से पूरी सख्ती की जा रही है। लेकिन चोरी छुपे से युवक नहाने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो पकड़ में आएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- पुलिस को अवगत करा दिया है
बैराज टंडेल अब्दुल खालिक का कहना है पुलिस को पत्र द्वारा अवगत करा दिया गया है पिछले साल भी पुलिस की ड्यूटी लगी थी इस बार भी अपेक्षा की गई है पुलिस की ड्यूटी लगने के साथ ही व्यवस्था को नियंत्रित रखा जाएगा।