वाणी तू अनमोल है...
नजीबाबाद। वाणी अखिल भारतीय हिंदी संस्थान के स्थापना दिवस पर साहित्यकारों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत करने पर छात्राओं को वाणी पुत्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
समाजसेवी मधु माहेश्वरी के आवास पर आयोजित संस्था के स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व प्रचार्या डॉ. पूनम चौहान, डॉ. चारू अग्रवाल, डॉ. रेनू चौहान, नीतू अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वाणी पुत्री सम्मान समारोह में एसबीडी महाविद्यालय धामपुर की आठ छात्राओं अक्शा, मनीषा, ईशी, नौशीन, सफिया, आरजू, जैनब, सुरभि ने हिंदी में स्वरचित रचनाएं प्रस्तुत की। संस्था की अध्यक्ष ने सभी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर वाणी पुत्री सम्मान से पुरस्कृत किया।
इसके बाद काव्य गोष्ठी में डॉ. पूनम चौहान ने कलम बना हथियार सखी.., मिनाक्षी अग्रवाल ने काम वाली बाई घोर कलियुग दिन आ गये.., नीरू तागरा ने तू इक बात को जान ले जिंदगी.., अर्चना चौहान ने क्यों राधा क्यों मीरा.., डॉ. वर्षा अग्रवाल ने कलम की बची स्याही, किताब के अधूरे पन्ने.., अर्चना टॉक ने वाणी तू अनमोल है.. के अलावा डॉ. मृदुला त्यागी, शिवानी अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल ने अपनी रचनाओं से समा बांधा। इस अवसर पर पूजा गुप्ता, दिप्ती शर्मा, शारदा जैन, सविता शर्मा आदि मौजूद रहे।