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विदेश में योग की अलख जगा रहे बिजनौर के योगी शिवाखंडा

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योगी शिवाखंडा। - फोटो : BIJNOR
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विदेश में योग की अलख जगा रहे बिजनौर के योगी शिवाखंडा
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बिजनौर। सकारात्मक सोच, सतर्कता, स्वच्छता, स्वस्थ आहार तथा नियमित योगाभ्यास से किसी भी गंभीर से गंभीर रोग को हराया जा सकता है। यह कहना है स्विटजरलैंड में योग की अलख जगा रहे बिजनौर निवासी योगी शिवाखंडा का।
नगर के मोहल्ला गीता नगरी निवासी चंद्रपाल सिंह के पुत्र योगी शिवाखंडा पिछले करीब 13 वर्षों से विश्व के 50 देशों में योग और ध्यान का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। लगातार छह साल से वह स्विट्जरलैंड में योग और ध्यान की शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन के माध्यम से बताया कि कोरोना काल ने हर व्यक्ति के सामने ढेरों प्रश्न खड़े किए हैं और हमें सोचने पर विवश कर दिया है। इसमें कोई दो राय नहीं की ईश्वर की अनुकंपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। आजकल भागदौड़ भरी प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली ने अधिकतम जनमानस को अपनी प्राचीन जीवनचर्या से बिल्कुल बेसुध कर दिया है, जिसके भयावह परिणाम आज हमारे सामने हैं।
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योगी शिवाखंडा ने बताया कि अगर हम अभी भी अपनी जीवन शैली में कुछ सरल और सटीक बदलाव कर लें तो बेहतर ही रहेगा। हमें सकारात्मक सोच से आगे बढ़ना है और बुरे विचारों, बुरी संगत, बुरी आदतों से दूरी बनानी है। यदि हम प्रतिदिन केवल 30 मिनट ही मंथन करें तो स्वयं सारी नकारात्मकता दूर हो जाएगी।
संतुलित आहार लें, नहीं होगी कोई बीमारी
हमारे जीवन में स्वस्थ आहार बेहद ही महत्वपूूूूर्ण है। अगर हम सब्जियां, दाल, ताजे फल, काढ़े का नियमित सेवन करें तो हमें रोग से लड़ने में अड़चन नहीं आएगी। कोरोना काल में जंक फूड से दूरी बनाएं। इस समय अश्वगंधा, आंवला, गिलोय का अधिक सेवन करें। हो सके तो निरंतर सुबह और शाम को प्राणायाम और योगासन करें। भ्रामरी, कपाल भांति, भस्त्रिका एवं मूर्छा प्राणायाम पर अधिक जोर दें।
सुबह को कम से कम 12 बार करें सूर्य नमस्कार
सुबह को कम से कम छह से 12 बार सूर्य नमस्कार करें। साथ ही शशांकासन, मंड़ुकासन, मकरासन, पादहस्तासन एवं पश्चिमोत्तनासन को नियमित करें। प्रात: काल में कम से कम 15 मिनट ध्यान में बैठें और सोने से पहले भी कुछ समय ध्यान में बिताएं। सुबह की शुरुआत हंसी के साथ करें। बेवजह भी हंसे और ईश्वर का निरंतर धन्यवाद करें। उन्होंने सभी देशवासियों से अपने दैनिक जीवन में योग और ध्यान को शामिल करने की अपील की।
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कोरोना मरीज दो माह जरूर बरतें विशेष सावधानी
योगी शिवाखंडा बताते हैं कि जो व्यक्ति दुर्भाग्य से कोरोना की चपेट में आ गए थे और ठीक हो चुके हैं, उन्हें भी कम से कम दो महीने तक बेहद ही सतर्कता बरतनी जरूरी है। कोरोना के बाद अपनी खोई हुई सेहत को जल्द वापस विकसित करने के लिए उन्हें भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, योग निद्रा तथा पर्वतासन, दंड़ासन व सेतुबंधासन करने चाहिए। उन्हें कुछ सप्ताह तकनीकी उपकरण जैसे मोबाइल या कंप्यूटर के उपयोग से भी बचना चाहिए एवं खानपान का विशेष ध्यान रखें। योग अभ्यास के अंत में व्यायाम में श्वासन की जगह अड़वासन करें। नियमित अभ्यास करें, ऐसा करने पर भविष्य में कोरोना ही नहीं दूसरी अन्य कई बीमारियों से बच सकते हैं।
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