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नर्वस सिस्टम को कमजोर कर रहा तंबाकू

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बिजनौर कलक्ट्रेट परिसर में बीड़ी पीता बुजुर्ग। - फोटो : BIJNOR
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विश्व तंबाबू निषेध दिवस : नर्वस सिस्टम को कमजोर कर रहा तंबाकू
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। आज हम विश्व तंबाकू निषेध दिवस मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युवाओं में लगातार इसका चलन बढ़ रहा है। तंबाकू शरीर के सिर्फ एक अंग को प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि नर्वस सिस्टम को ही प्रभावित कर रहा है। जिसका प्रभाव शरीर के दूसरे अंगों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 मरीज तंबाकू की समस्या के आ रहे हैं।
युवाओं में गुटखा, बीड़ी, सिगरेट आदि चीजों का सेवन कर रहे हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तंबाकू में मौजूद निकोटिन चबाने और पीने से रक्त में मिल रहा है। इससे एड्रीनल ग्लैंड क्रियाशील होता है, जिससे हार्मोन इपीमेफ्रीन का उत्सर्जन होता है, जो हार्मोन सेंटल नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। जिससे हमारे शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित हो रहे हैं। नर्वस सिस्टम खराब होने से व्यक्ति को पेट की समस्या, हाथ या पैर का कंपन करना, सिर दर्द, हार्ट बीट का बढ़ना जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। नर्वस सिस्टम ही शरीर के दूसरे अंगों को निर्देश देने का काम करता है। तंबाकू से नर्वस सिस्टम प्रभावित होने से शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है।
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जिले में हर माह 10 करोड़ से ज्यादा का तंबाकू का कारोबार
आज के दौर में तंबाकू का सेवन आम हो गया है। जैसे-जैसे बच्चे युवा वर्ग में आते है, उनके शौक बढ़ रहे हैं। इनमें तंबाकू का प्रचलन ज्यादा है। इसके दुष्प्रभाव जानते हुए भी लोग इसका लगातार सेवन कर रहे हैं। बढ़ते तंबाकू के सेवन से कारोबार भी बढ़ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक जिलेवासी हर महीने करीब 10 करोड़ से ज्यादा का तंबाकू खा जाते हैं।
तंबाकू के ज्यादा सेवन से कम खुल रहा मुंह
जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि तंबाकू के ज्यादा सेवन से मुंह के अंदर की परत में सब म्यूकस फाइब्रोसिस बीमारी हो रही है। यह कैंसर होने की पहली अवस्था है। जिसमें लोगों का मुंह कम खुलता है। साथ ही मुंह में मिर्च, नमक, मसाले, शराब के सेवन से जलन होती है। जिला अस्पताल में सब म्यूकस फाइब्रोसिस बीमारी के रोजाना 6 से 8 मरीज आ रहे हैं।
न्यूरोपैथी की समस्या भी उभर कर आ रही सामने
तंबाकू के ज्यादा सेवन करने से नर्वस सिस्टम प्रभावित हो रहा है। नसें मस्तिष्क का ही एक भाग हैं। जिसके चलते नर्वस सिस्टम कमजोर होने से पैर, उंगलियों, हाथों और बाहों की तंत्रिका प्रभावित हो रही हैं। जिससे नसें कमजोर हो रही हैं। इसे ही न्यूरोपैथी कहते हैं। पैरों का सुन्न हो जाना, झुनझुनी या जलन पैदा होना, मांसपेशियों में कमजोरी, हड्डियों और जोड़ों में दर्द आदि समस्या न्यूरोपैथी में आती हैं।
तंबाकू के कारण हो रही सीओपीडी : डॉ. अनिल
डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि युवा धूम्रपान जैसे रिस्क फैक्टर के संपर्क में जितना जल्दी आ रहे हैं, फेफड़ों को उतना ही ज्यादा नुकसान हो रहा है। जिससे सीओपीडी जैसी बीमारी की समस्या बढ़ रही है। इसमें मरीज सही से सांस नहीं ले पाता है। भारत में होने वाली मौतों में सीओपीडी एक प्रमुख कारण है। जितना जल्दी तंबाकू का सेवन छोड़ देंगे, उतनी जल्दी ही बीमारियों से बचा जा सकता है।
होम्योपैथिक से पाएं तंबाकू की लत पर काबू : डॉ. नवनेष
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नवनेष कोठारी ने बताया कि होम्योपैथिक दवाएं हमारे शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करके हमारी इच्छाशक्ति को मजबूत करती हैं। जिससे व्यक्ति खुद को नशे से दूर रखने में सफल हो जाता है। इसके साथ ही व्यक्ति खुद को व्यस्त रखे। नियमित व्यायाम एवं संतुलित आहार के साथ दिनचर्या ठीक करे। साथ ही अपनेे मित्रता समूह को सीमित रखे। योग एवं मेडिटेशन कर स्वयं पर काबू पाया जा सकता है।
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तंबाकू के सेवन से बढ़ रहे हार्ट अटैक के मरीज : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि तंबाकू के ज्यादा सेवन से लोगों को हार्ट की परेशानी भी हो रही है। हार्ट अटैक आने वाले मरीजों में 70 प्रतिशत तंबाकू का सेवन करने वाले होते हैं। इसके साथ ही फेफड़ों का कैंसर भी तंबाकू की वजह से बढ़ रहा है।
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